अब महाकाल की आरती होगी खास, म्यूजिक बैंड की ध्वनि से गूंजेगा मंदिर, श्रद्धालु होंगे भाव-विभोर!

अब महाकाल की आरती होगी खास, म्यूजिक बैंड की ध्वनि से गूंजेगा मंदिर, श्रद्धालु होंगे भाव-विभोर!


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Ujjain Mahakal Temple: महाकालेश्वर मंदिर में पहली बार भक्त आरती से पहले भजन और मंत्रों की बैंड धुनों का आनंद ले सकेंगे. यह प्रयोग बारह ज्योतिर्लिंगों में पहली बार उज्जैन के महाकाल मंदिर में शुरू किया जा रहा है.

Ujjain News: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में रोजाना लाखों श्रद्धालु आते हैं. श्रद्धालु की सुविधा के लिए मंदिर समिति समय-समय पर कई परिवर्तन करती है. इस बार भी एक नवाचार किया जा रहा है. महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अब एक नई और अनूठी धार्मिक अनुभूति मिलेगी या यूं कह लिजिए कि नया नजारा देखने को मिलेगा. महाकाल आरती के पहले ही भगतगण महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुरू किए जा रहे ‘महाकाल बैंड’ का भी लुत्फ ले सकेंगे. यह बैंड मंदिर में होने वाली आरती के दौरान अपनी कला का प्रदर्शन करेगा, जिसकी रोजाना रिहसल हो रही है.

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुरू किए जा रहे बैंड आयोजन से श्रद्धालुओं को भक्तिमय माहौल में संगीत और कला का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का स्वयं का एक बैंड बनाया है, यह एक ऐसा बेंड है जो पूरे 12 ज्योतिलिंग में कहीं नहीं है. श्रद्धालु महाकाल दर्शन के साथ भगवान की स्तुति का भी आनंद ले सकेंगे.

क्यों पसंद है शिव को यह स्तुति 
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश पुजारी ने बताया भगवान शिव संगीत व नृत्य के देवता हैं. इसलिए उन्हें नटराज व कलाधर भी कहा जाता है. पौराणिक कथाओं में शिव को वाद्यों का रचयिता भी कहा गया है. महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में इसी लिए वाद्य वादन का महत्व है. श्रावण महोत्सव, उमा सांझी उत्सव में गीत,संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

किन आरतियों में होगी प्रस्तुति, तय नहीं
भगवान महाकाल की रोजाना मंदिर में पांच आरतियां होती हैं. पहली भस्म आरती सुबह 4 बजे और आखिरी आरती रात 10:30 बजे, ऐसे में एक ही दल का सुबह से रात तक प्रदर्शन करना संभव नहीं है. इसलिए फिलहाल यह तय किया जा रहा है कि किन आरतियों से पहले बैंड प्रस्तुति देगा.

दान से हुईं वाद्य यंत्रों की खरीदारी 
मंदिर प्रशासन ने बैंड के लिए आवश्यक वाद्य यंत्रों की खरीदारी दानदाताओं की मदद से शुरू कर दी है. बैंड के सभी सदस्यों को निर्धारित ड्रेस कोड भी निर्धारित कर दिया है. बता दें कि सिंधिया शासन काल से शुरू हुई शहनाई और नगाड़े की परंपरा आज भी मंदिर में निभाई जाती है. हर दिन सुबह 7 बजे की आरती और शाम 7 बजे की संध्या आरती में शहनाई वादन होता है.

बैंड के आगे ही नाचने लगे श्रद्धालु 
गुजरात से आए श्रद्धालु अमन ने बताया कि बाबा महाकाल के दर्शन करने पहली बार आया हूं. कई मंदिरों में गया लेकिन ऐसा अनुभव आज तक नहीं मिला. यह स्तुति भगवान शिव को हमसे जोड़ती है. महाराष्ट्र से आईं श्रद्धालु कल्पना शर्मा ने बताया, मैंने पूरे 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए हैं. जिसमें महाकाल भी आज शामिल हो गए. आज महाकाल मंदिर में ऐसी बेंड की प्रस्तुति व सुंदर ध्वनि सुनी जो कहीं भी नहीं है. पहले तो बाबा के दर्शन उसके बाद यह मधुर ध्वनि ऐसा लगा बाबा की भक्ति में बस यहीं की होकर रह जाऊं.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

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अब महाकाल की आरती होगी खास, म्यूजिक बैंड की ध्वनि से गूंजेगा मंदिर



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