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Virat Kohli: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट कोहली के बल्ले से रन नहीं आ रहे हैं. ऐसे में रवि शास्त्री भी उनके करियर को लेकर चिंता में हैं. पूर्व भारतीय कोच का मानना है कि टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धा है. ऐसे में वर्ल्ड कप 2027 की बात करना दूर की कौड़ी है.
नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज में विराट कोहली के दो डक यानी शून्य पर आउट होने की हर जगह चर्चा हो रही है. एक तो पहले ही कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर उनके पीछे पड़े हैं. ऊपर से बल्ले से रन नहीं आना वास्तव में उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर ब्रेक लगा सकता है. टीम इंडिया के पूर्व कोच और विराट के पुराने साथी रहे रवि शास्त्री को भी अब ‘खेल’ खत्म होने का डर सताने लगा है. उन्होंने इसपर चिंता जाहिर की.
रवि शास्त्री ने फॉक्स स्पोर्ट्स पर कहा, “विराट को जल्द ही अपनी फॉर्म में आना होगा. भारत के सीमित ओवरों के क्रिकेट में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा इतनी ज्यादा है कि कोई भी आराम नहीं कर सकता, चाहे वो विराट हो, रोहित हो या टीम का कोई और. यह आसान नहीं होगा. प्रतिस्पर्धा तो है ही.” शास्त्री ने आगे कहा, “वो आज फिर से चूक गए. उनके फुटवर्क में थोड़ी लापरवाही थी. ऐसा अक्सर नहीं होता. वनडे क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अद्भुत है. इसलिए लगातार दो बार शून्य पर आउट होना उनके लिए निराशाजनक होगा.”
चैंपियंस टॉफी में विराट ने जमकर बनाए थे रन
विराट कोहली मौजूदा वक्त में केवल वनडे क्रिकेट में ही सक्रिय हैं. वो चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अब सात महीने बाद भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज में खेल रहे हैं. लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेलने के कारण भी उनकी फॉर्म पर असर पड़ता साफ नजर आ रहा है. यही वजह है कि एक्सपर्ट भी विराट पर सवाल उठाने लगे हैं. हालांकि चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान वो सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में टॉप-5 में थे. उनसे ज्यादा केवल श्रेयस अय्यर ने ही भारत की तरफ से इस टूर्नामेंट में रन बनाए थे. ऐसे में विराट अब भी अच्छा प्रदर्शन कर आलोचकों के मुंह बंद कर सकते हैं.
वर्ल्ड कप की टीम बना रहे गंभीर-अगरकर
वर्ल्ड कप 2027 खेलने की इच्छा विराट कोहली जता चुके हैं. इस बड़े टूर्नामेंट से पहले भारत को करीब 20 वनडे अंतरराष्ट्रीय खेलने हैं. गंभीर और अगरकर अभी से वर्ल्ड कप की तैयारियों में लगे हैं. अगर विराट का बल्ला ज्यादा दिन खामोश रहा तो वो उनके स्थान पर किसी युवा को जगह देने से भी नहीं चूकेंगे. ऐसे में खुद को साबित करने के लिए विराट को ज्यादा वक्त नहीं मिल पाएगा.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें