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Asia Cup Trophy Controversy: तिलक वर्मा ने एशिया कप फाइनल में भारत की टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. मुश्किल में फंसी टीम को अर्धशतक जड़ वर्मा ने बाहर निकाला. इसके साथ ही पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत की टीम ने पाकिस्तान को लगातार तीसरी बार पस्त कर दिया.
नई दिल्ली. एशिया कप 2025 पूरी तरह विवादों से भरा रहा. टीम इंडिया ने खिताब तो अपने नाम कर लिया लेकिन ट्रॉफी अभी भी एसीसी चीफ मोहसिन नकवी की खोखली अकड़ की वजह से अटकी हुई है. भारतीय प्लेयर्स ने पीसीबी चीफ और एसीसी की जिम्मेदारी संभाल रहे नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार क्या किया, नकवी ट्रॉफी चोरी कर मैदान से भाग निकले.

एक महीने से भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड के बीच ट्रॉफी का मसला अटका हुआ है. फाइनल में पाकिस्तान की बैंड बजाने वाले तिलक वर्मा ने पहली बार इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा.

तिलक वर्मा ने ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस यू्ट्यूब शो के दौरान कहा, “हम असल में एक घंटे से मैदान पर इंतज़ार कर रहे थे. अगर आप टीवी पर वीडियो देखेंगे तो आप पाएंगे कि मैं जमीन पर लेटा हुआ था. बाकी लोग भी जमीन पर लेटे हुए थे.”

तिलक ने आगे कहा, “अर्शदीप सिंह रील बनाने में व्यस्त थे. हम बस इंतज़ार कर रहे थे और सोच रहे थे कि ट्रॉफी अब कभी भी आ जाएगी. एक घंटा हो गया और ट्रॉफी कहीं नहीं मिली. हम इधर-उधर देख रहे थे, लेकिन ट्रॉफी कहीं नहीं मिली.”

भारत ने एशिया कप के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट टीम से नो-हैंडशेक पॉलिसी अपनाई. पाकिस्तान में अपनी राजनीति चमकाने के मकसद से शहबाज शरीफ सरकार में आंतरिक मामलों के मंत्री नकवी ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया. भारतीय प्लेयर्स ने जब पहलगाम हमलों को लेकर नकवी की सोशल मीडिया पर ओछी हरकतों केा देखते हुए उनके हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार किया तो वो फाइनल मैच के दौरान खिताब लेकर ही स्टेज से चले गए.

भारतीय टीम ने एक घंटे तक इंतजार किया कि नकवी स्टेज से उतरकर चले जाए, ताकि वो प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान अपनी ट्रॉफी ले लें, लेकिन वो स्टेज से हिले तक नहीं. नकवी इस बात पर अड़े हुए थे कि वो अपने हाथ से ही टीम इंडिया को ट्रॉफी देंगे.

तिलक वर्मा ने आगे कहा कि “अर्शदीप ने कहा चलो एक माहौल बनाते हैं. उन्होंने कहा कि हमें 2024 के टी20 विश्व कप की तरह ही जश्न मनाना चाहिए, बस ट्रॉफी के बिना. फिर अभिषेक शर्मा और हमने, 5-6 और लोगों के साथ, इसके लिए हामी भर दी. फिर हमने इसे आगे बढ़ाया.”

तिलक ने अपने प्रदर्शन के बारे में भी विस्तार से बात की, जो भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ. उन्होंने कहा, “हमें पूरा भरोसा था, लेकिन क्रिकेट एक अजीब खेल है. अगर आप एशिया कप या विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और एक दिन ऐसा आए जब आप अपनी क्षमता के अनुसार नहीं खेले, तो समझो सब खत्म. लेकिन जिस तरह से मैंने फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ खेला, मैं हर मैच में उसी अंदाज में नहीं खेल सकता.”