सिडनी की ‘बुल्ली’ पिच मायावी है, गेंद घूमती है फिर भी हार जाती है टीम इंडिया

सिडनी की ‘बुल्ली’ पिच मायावी है, गेंद घूमती है फिर भी हार जाती है टीम इंडिया


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SCG की पिच किसी आम मिट्टी से नहीं, बल्कि बुल्ली नाम के छोटे से कस्बे की मिट्टी से गढ़ी गई है सिडनी से करीब 75 किलोमीटर दूर. शायद इसी मिट्टी में कोई रहस्य है, क्योंकि ये पिच उतनी ही मायावी है जितनी खूबसूरत कभी बल्लेबाज़ी का स्वर्ग बन जाती है, तो कभी गेंदबाज़ों का जाल. 

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की पिच बुल्ली नाम की जगह से लाई गई मिट्टी से बनाई जाती है

नई दिल्ली. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड  जहां हर घास की पत्ती में इतिहास सांस लेता है और हर रन के पीछे एक कहानी छिपी है.यह वही मैदान है, जिसकी पिच किसी आम मिट्टी से नहीं, बल्कि बुल्ली नाम के छोटे से कस्बे की मिट्टी से गढ़ी गई है सिडनी से करीब 75 किलोमीटर दूर. शायद इसी मिट्टी में कोई रहस्य है, क्योंकि ये पिच उतनी ही मायावी है जितनी खूबसूरत कभी बल्लेबाज़ी का स्वर्ग बन जाती है, तो कभी गेंदबाज़ों का जाल.

वैसे, मज़ेदार बात ये है यही मैदान दुनिया का इकलौता स्टेडियम है जहां क्रिकेट, रग्बी और ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल, तीनों खेलों की जड़ें एक साथ पनपीं . आज जब खिलाड़ी इस बुल्ली मिट्टी से बनी पिच पर कदम रखेंगे, तो हर कदम पर इतिहास गूंजेगा और हर गेंद पर उम्मीदें.

बुल्ली पिच मायावी है 

SCG यानि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड  नाम लेते ही क्रिकेट के सौ साल पुराने इतिहास की महक महसूस होती है.
यह वही जगह है जहां रिकॉर्ड बनते भी हैं और टूटते भी लेकिन इस मैदान की सबसे दिलचस्प बात है इसकी मिट्टी जो आती है सिडनी से करीब 75 किलोमीटर दूर “बुल्ली” (Bulli) नाम की जगह से.  यही मिट्टी पिच को देती है उसका अनोखा स्वभाव: कभी रनों की बरसात, तो कभी स्पिनर्स की मुस्कान. सिडनी की पिच अपने स्वभाव के लिए मशहूर है नई गेंद बल्लेबाज़ों को थोड़ा समय देती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिनर्स खेल में आ जाते हैं.  गर्मियों की धूप में यह पिच सूखती है और टर्न देना शुरू करती है.  यही कारण है कि इसे ऑस्ट्रेलिया की सबसे संतुलित लेकिन अनिश्चित पिच कहा जाता है. भारत ने इसी साल जनवरी में टेस्ट मैच था जो ऑस्ट्रेलिया ने ढाई दिन में जीत लिया था.

पिच के पेंच से परेशान रही है टीम इंडिया 

भारत के लिए ये मैदान थोड़ा ‘जादुई’ भी है और थोड़ा ‘जिद्दी’ भी क्योंकि अब तक यहां खेले 19 वनडे में टीम इंडिया सिर्फ दो ही जीत पाई है अब जबकि सीरीज़ में भारत 0-2 से पीछे है, सवाल सिर्फ जीत का नहीं, इज़्ज़त बचाने का भी है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड के इसी  मैदान पर सचिन तेंदुलकर ने कभी 241* की वो पारी खेली थी, जिसे आज भी परफेक्ट क्लास कहा जाता है जिससे भारतीय बल्लेबाज काफी प्ररेणा ले सकते है खास तौर पर विराट कोहली जो पिछले दो पारियों में अपना खाता भी नहीं खोल पाए और इस सीरीज में और शायद उनके करियर में आखिरी बार SCG  में खेलने का मौका मिले.

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