धान कटाई का स्मार्ट तरीका, मजदूरों की जरूरत नहीं, अकेला किसान ही कर डालेगा सारा काम, ये 3 मशीनें कमाल

धान कटाई का स्मार्ट तरीका, मजदूरों की जरूरत नहीं, अकेला किसान ही कर डालेगा सारा काम, ये 3 मशीनें कमाल


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Dhan Katai Tips: धान काटने का समय आ गया है. कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं. ऐसे में धान को जल्दी काटना जरूरी हो गया है. सबसे बड़ी दिक्कत मजदूर नहीं मिलने की हेाती है. ऐसे में किसान भाई ये तीन मशीनें ट्राई कर सकते हैं. इनकी खरीदी पर सरकार मदद भी देती है.

Dhan Kheti: तीन महीने धान का ख्याल रखने के बाद अब फसल कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. लेकिन, किसानों के सामने एक समस्या है कि धान की कटाई जल्दी और कम लागत में कैसे कर सकते हैं. दरअसल, बारिश होने की संभावना के साथ जल्द से जल्द धान काटना भी जरूरी है. ऐसे में मैन्युअल कटाई यानी मजदूरों की मदद से कटाई में समय भी ज्यादा लगता है और लागत भी. साथ ही मजदूरों का न मिलना भी एक बड़ी समस्या है. ऐसे में किसानों को हार्वेस्टिंग के स्मार्ट तरीके को अपनाना चाहिए. इससे न सिर्फ कटाई में लागत भी कम होगी और बचत भी होगी.

धान कटाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल
धान कटाई के लिए बाजार में कई तरह की मशीनें आसानी से मिल रही हैं. वहीं, किसान भी इसकी खरीदी के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा भरोसा रीपर मशीन पर किया जा रहा है. वहीं, कंबाइन हार्वेस्टर और मिनी हार्वेस्टर जैसी मशीनों पर भी किसान भरोसा कर रहे हैं. ये मशीन चलाने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति की जरूरत होती है. इससे कम समय में ज्यादा इलाके में फसल काटी जा सकती है.

इन मशीनों से सीधे कटाई 
रीपर के अलावा किसान भाई कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये मशीन कटाई के साथ थ्रेसिंग और सफाई का काम एक साथ करती है. यानी एक मशीन एक साथ तीन काम आसानी से कर सकती है. इससे किसान की मेहनत और समय बचता है.  मिनी हार्वेस्टर या वॉक-बिहाइंड हार्वेस्टर एक बेहतरीन विकल्प है. यह हल्की, ईंधन-किफायती और छोटे खेतों में आसानी से काम करने वाली मशीन है.

मशीन के इस्तेमाल के फायदे 
मजदूरों की मदद से कटाई करते हैं, तो इसमें एक एकड़ की कटाई के लिए 6 से सात घंटे का समय लगता है. लेकिन, मशीन की मदद से महज एक घंटे में सिर्फ एक व्यक्ति कर सकता है. इससे कटाई करने पर फसल की क्वालिटी बेहतर रहती है, क्योंकि दाने झड़ते नहीं और मिट्टी या भूसी की मिलावट बहुत कम होती है.

मशीन खरीदी पर सरकारी मदद 
संजय जैन बताते हैं कि सरकार भी समय-समय पर इस मशीन पर अनुदान देती है. आमतौर पर इस मशीन की कीमत एक लाख से लेकर 1 लाख 70 हजार रुपये तक है. ऐसे में सरकारी योजना में आधी कीमत पर भी मिल सकती है. इसके लिए किसान ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए तय राशि का डिमांड ड्राफ्ट भरना पड़ता है, जिसके बाद लॉटरी सिस्टम से किसानों को इस मशीन पर अनुदान मिलता है.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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धान कटाई का स्मार्ट तरीका, मजदूरों की जरूरत नहीं, अकेला किसान कर लेगा सारा काम



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