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शहर के दशहरा मैदान में धान खरीदी के लिए इस साल नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। धान की बढ़ती आवक को देखते हुए मैदान को अस्थाई मंडी बनाया गया है। किसानों की सुविधा और सुचारू संचालन के लिए नंबर आधारित बोर्ड और टोकन प्रणाली शुरू की गई है। मंडी सचिव वीरेंद्र ठाकुर की मौजूदगी में मैदान में लोहे के सात बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर क्रम संख्या अंकित है। किसान अपनी ट्रॉलियों को इन्हीं नंबरों के अनुसार लगाकर लाइन बनाएंगे। इससे ट्रॉलियों की अव्यवस्था नहीं होगी। बीच में कोई भी ट्रॉली घुसाने की स्थिति समाप्त होगी।
सचिव ठाकुर ने बताया कि नई व्यवस्था से नीलामी प्रक्रिया भी सुगम होगी। कोई भी व्यक्ति जगह रोककर किसानों से पैसे नहीं ले सकेगा। इसके अलावा, एसडीएम मनीष शर्मा के निर्देश पर इस बार टोकन सिस्टम लागू किया गया है। मैदान पहुंचने वाले प्रत्येक किसान को पहले टोकन लेना होगा। इसके आधार पर ही वह अपनी ट्रॉली निर्धारित स्थान पर खड़ी कर सकेगा।
800 से 1000 ट्रॉलियों में आती है धान: धान की बंपर आवक के चलते दशहरा मैदान में रोजाना 800 से 1000 तक ट्रॉलियों की आवक होती है। पिछले वर्षों में सड़क पर ट्रॉलियां खड़ी होने से जाम की स्थिति बनती थी। आसपास के स्कूलों और कार्यालयों के कर्मचारियों को दिक्कत होती थी। नई व्यवस्थाओं से अब ट्रॉलियों की पार्किंग और खरीदी प्रक्रिया दोनों अधिक सुव्यवस्थित होंगी। किसानों को भी अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। वह सुविधाजनक तरीके से अपनी धान की नीलामी करवा सकेंगे।