मध्य प्रदेश में 40-50 लाख वोटरों के नाम काटने की तैयारी! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने क्यों किया ये दावा, जानें

मध्य प्रदेश में 40-50 लाख वोटरों के नाम काटने की तैयारी! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने क्यों किया ये दावा, जानें


Last Updated:

MP Politics: 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक 12 राज्यों में SIR होने जा रहा है. मध्य प्रदेश में भी वोटरों का सत्यापन होगा. यह काम मध्य प्रदेश में भी होने जा रहा है. लेकिन, इससे पहले कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा उठा दिया. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तमाव सवाल उठाए और आंकड़े पेश किए. वहीं, भाजपा ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया.

उमंग सिंघार

Bhopal News: मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की सफाई नहीं, बल्कि विपक्षी वोट बैंक को निशाना बनाने की साजिश है. सिंघार ने कहा, मध्य प्रदेश के 40-50 लाख लोग, खासकर बाहर काम करने वाले मजदूरों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और ओबीसी वर्ग के नाम काटे जाने की तैयारी है, जिससे अगले चुनाव में विपक्ष के 50 लाख वोट कट सकते हैं.

सिंघार ने 2023 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा, तत्कालीन चुनाव से पहले दो महीने में ही 16 लाख नए वोट जोड़े गए थे, जिसके चलते 40 विधानसभा सीटें प्रभावित हुईं. आरोप लगाया कि बीजेपी ने आदिवासी वोट काटने की रणनीति अपनाई है. “आदिवासी दूर-दराज के क्षेत्रों में रहते हैं, उनके पास दस्तावेजों की समझ नहीं, न इंटरनेट है. वन पट्टों के आधार पर नाम जोड़ने की बात कही जा रही है, लेकिन बीजेपी सरकार ने तीन लाख से अधिक वन पट्टे निरस्त कर दिए.” सिंघार ने अल्पसंख्यक और ओबीसी समाज पर भी निशाना साधा, जो बाहर मजदूरी के लिए जाते हैं.



Source link