मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित की गई है, आज 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाली इस बैठक में आरएसएस प्रमुख सरसंघचालक मोहन भागवत सहित देश भर के संघ पदाधिकारी शामिल
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित।
तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर देशभर में चल रहे अभियानों और आगामी योजनाओं पर मंथन किया जाएगा। 1 नवंबर तक राष्ट्रीय सम्मेलन में , SIR के साथ-साथ राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाना है। इसके साथ ही गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को भी विशेष रूप से याद किया जाएगा। शहर के विजन नगर स्थित कचनार सिटी में शुरू हुई बैठक में मोहन भागवत शामिल हुए, जो कि 26 अक्टूबर से ही जबलपुर में रुके थे।

संगठनात्मक गतिविधियों, रणनीतियों और योजनाओं पर विचार विमर्श का प्रमुख मंच रहेगा।
गुरुवार सुबह 9 बजे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक की शुरुआत हुई, जिसे सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित कर रहे हैं। उनके साथ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह-सरकार्यवाह, अखिल भारतीय अधिकारी, क्षेत्र एवं प्रांत स्तर के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और समविचारी संगठनों के प्रमुख भी बैठक में शामिल हुए हैं।
यह बैठक संघ की संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी रणनीतियों और भविष्य की योजनाओं पर मंथन का प्रमुख मंच है। साथ ही, संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश के बाद मनाए जाने वाले शताब्दी समारोहों की रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, अक्टूबर 2026 तक चलने वाली “पंच परिवर्तन” जैसी प्रमुख पहल पर भी पदाधिकारी विचार-विमर्श होगा।

46 प्रांतों के कार्यवाह और प्रचारक उपस्थित हुए हैं।
आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने कहा कि आज से बैठक की शुरुआत हो गई है। मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए किया है। इस बैठक में 11 क्षेत्रों के संघ चालक,कार्यवाह और प्रचारक शामिल हुए हैं। इसके साथ 46 प्रांतों के कार्यवाह और प्रचारक उपस्थित हुए हैं। पूरे देश भर से 407 कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए है। बैठक सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। बैठक की शुरुआत में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, फिल्म अभिनेता असरानी, ऐसे कई प्रमुख सहित 207 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश भर में एक लाख से ज़्यादा हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ये सम्मेलन स्थानीय स्तर पर बस्तियों और मोहल्लों में आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य पांच गुना परिवर्तन, हिंदुत्व के विस्तार को बढ़ावा देना होगा।