दतिया में गुरुवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश का भारी असर खेतों में खड़ी धान की फसल पर दिख रहा है। बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान ‘मोन्था’ के असर के कारण हो रही इस लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछली बारिश में ही धान की फसल आड़ी होकर गिर
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80 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगातार रुक-रुक कर हो रही नमी और बारिश के चलते धान के दाने सूखने के बजाय सड़ने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। खेतों में पानी भरने से कटाई भी रुक गई है। किसान अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार धान की फसल में करीब 80 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। कई किसानों ने बताया कि फसल इतनी खराब हो चुकी है कि लागत निकलना भी मुश्किल है, मुनाफे की तो बात ही छोड़िए।
खेतों में भरे पानी के कारण हार्वेस्टर मशीनें उतारना मुश्किल गांवों में खेतों के हालात देखकर किसानों की नींद उड़ गई है। बड़ौनी, नयागांव, उनाव और भांडेर क्षेत्र के खेत कीचड़ से भर गए हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बरसात से हार्वेस्टर मशीनें भी खेतों के अंदर नहीं उतर पा रही हैं। यानी फसल कटाई की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग चुका है।
अगले 24 घंटे तक बारिश की आशंका मौसम विभाग के मुताबिक तूफान ‘मोन्था’ अब कमजोर होकर उत्तर भारत की ओर बढ़ गया है, लेकिन मध्य भारत में नमी अभी भी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम बरसात की संभावना बनी रहेगी।
उत्पादन पर पड़ सकता है सीधा असर इस बदले मौसम का असर सीधा रबी सीजन की तैयारी पर दिख रहा है। जिन किसानों ने पांच दिन पहले चना, सरसों और मटर की बुवाई की थी, उनकी फसल का अंकुरण गड़बड़ा सकता है। वहीं जो किसान अब तक बोवनी नहीं कर पाए थे, उन्हें अब देरी से बुवाई करनी पड़ेगी। इसका उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। कृषि विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं, अगर अगले दो दिन बरसात नहीं रुकी तो हालात संभालना मुश्किल होगा।