मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए खेती को आसान और लाभदायक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सरकार की ओर से अब कृषि यंत्रों, खाद और बीज पर सब्सिडी पाने के लिए पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है. बिना पंजीकरण के कोई भी किसान इन योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेगा. राज्य सरकार के कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई है.
16 सितंबर 2025 से शुरू हुआ ऑनलाइन आवेदन
राज्य सरकार ने कृषि यंत्र अनुदान योजना को 16 सितंबर 2025 से लागू कर दिया है. किसान अब ई–कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जो किसान सरकारी अनुदान पर यंत्र खरीदना चाहते हैं, वे अपनी पसंद का यंत्र चुनकर आवेदन कर सकते हैं. इसी तरह खाद और बीज पर सब्सिडी पाने के लिए भी पंजीयन करना जरूरी है.
जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन के लिए किसान को ये दस्तावेज तैयार रखने होंगे. आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र, बी-1 की प्रति, बिजली कनेक्शन प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, समग्र आईडी, मोबाइल नंबर
इन कृषि यंत्रों पर मिल रही है सब्सिडी
कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने कुल 9 यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, श्रेडर/मल्चर, बेलर, हे रेक/स्ट्रॉ रेक और स्लेशर मशीन. इन यंत्रों से बीज बोने, फसल काटने और खेत की सफाई का काम आसान हो जाता है.
सब्सिडी की राशि
सरकार की ओर से यंत्रों पर 50% तक अनुदान दिया जा रहा है.
उदाहरण के लिए
सुपर सीडर: अधिकतम ₹1.20 लाख या लागत का 50%
स्मार्ट सीडर: ₹81,400 से ₹90,200 तक
श्रेडर/मल्चर: ₹72,500 से ₹95,700 तक
बेलर: ₹2.20 लाख से ₹6.60 लाख तक
हे रेक/स्ट्रॉ रेक: अधिकतम ₹1.65 लाख
स्लेशर मशीन: ₹27,500 या लागत का 50%
लाभार्थी चयन प्रक्रिया
आवेदन की समीक्षा के बाद लाभार्थियों का चयन लक्ष्य निर्धारण और लॉटरी सिस्टम के आधार पर होगा. चयनित किसानों को कृषि यंत्र पर सब्सिडी मिलेगी.
कैसे करें आवेदन
किसान e-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जाकर अपने आधार नंबर और बैंक विवरण से आवेदन कर सकते हैं. सभी दस्तावेज अपलोड करने के बाद चयन प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से पूरी की जाएगी.