बस बेचने के नाम पर 30 लाख की ठगी: आरटीओ ट्रांसफर के वक्त आरोपी ने पत्नी के नाम करा दिए डॉक्यूमेंट, केस दर्ज – Indore News

बस बेचने के नाम पर 30 लाख की ठगी:  आरटीओ ट्रांसफर के वक्त आरोपी ने पत्नी के नाम करा दिए डॉक्यूमेंट, केस दर्ज – Indore News



इंदौर के विजय नगर पुलिस ने एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक की शिकायत पर 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपी ने बस बेचने के नाम पर रुपए लिए और बाद में बस पीड़ित के पिता के नाम करने के बजाय अपनी पत्नी के नाम करा दी।

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ऐसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा विजय नगर पुलिस के अनुसार, शुभ कड़िया निवासी बी-ब्लॉक, बीसीएम हाइट्स ने शिकायत में बताया कि आरोपी बिलाम सिंह मंडलोई (निवासी सरदारपुर, धार, वर्तमान में सुदामा नगर) और उसकी पत्नी श्यामलता सिंह मंडलोई ने मिलकर उसके पिता से 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। बस बेचने का सौदा तय करने के बाद बिलाम सिंह ने आरटीओ में ट्रांसफर फॉर्म पीड़ित के पिता के नाम कराने के बजाय अपनी पत्नी के नाम करा लिया और दस्तावेजों पर बीमा भी अपने नाम से करवाया।

पिता के वकील दोस्त के जरिए सौदा शुभ कड़िया ने बताया कि उनके पिता के दोस्त शील कुमार, जो पेशे से वकील हैं, काफी समय से परिवार के परिचित हैं। उनके जरिए बिलाम सिंह से संपर्क हुआ। बिलाम ने बताया कि उसका परिचित हरिओम दुबे (भिंड निवासी) दो बसें बेचना चाहता है। बातचीत के बाद बसों का सौदा 30 लाख रुपए में तय हुआ।

ऐसे ट्रांसफर की गई रकम समझौते के तहत 15 लाख रुपए हरिओम दुबे के खाते में, 10 लाख शील कुमार के खाते में और 5 लाख रुपए बिलाम सिंह के खाते में ट्रांसफर किए गए। बिलाम ने कहा था कि आरटीओ से पेपर जल्द घर पहुंच जाएंगे और बसें भी जल्द मिल जाएंगी। लेकिन करीब एक माह बाद भी न तो बस मिली और न ही कोई दस्तावेज।

आरटीओ में खुली पोल जब पीड़ित ने आरटीओ से जानकारी ली तो पता चला कि बसों के कागज हरिओम दुबे ने बिलाम सिंह की पत्नी श्यामलता मंडलोई के नाम पर ट्रांसफर कर दिए हैं और बीमा भी उनके नाम से कराया गया है।

शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने जांच की और आरोप सही पाए जाने पर विजय नगर थाना पुलिस ने बिलाम सिंह मंडलोई और उसकी पत्नी श्यामलता मंडलोई के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।



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