धूमधाम से निकली बाबा की दूसरी सवारी, महाकाल ने इस रूप में जाना प्रजा का हाल

धूमधाम से निकली बाबा की दूसरी सवारी, महाकाल ने इस रूप में जाना प्रजा का हाल


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Ujjain News: महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि भगवान दूसरी सवारी (Baba Mahakal Sawari Ujjain) पर श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमौलेश्वर के रूप में अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले. महाकाल की सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्‍त्र पुलिस बल के जवान आदि शामिल रहे.

उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में कार्तिक शुक्ल पक्ष की धूम शुरू हो गई है. तीन नवंबर को बाबा महाकाल की दूसरी सवारी निकाली गई. 27 अक्टूबर को पहली सवारी निकली थी. सावन-भादो की तरह कार्तिक अगहन मास में भी महाकाल की सवारी निकलने की परंपरा है. कार्तिक शुक्ल पक्ष के दूसरे सोमवार को दूसरी सवारी को सभामंडप में शाम 4 बजे विधिवत पूजन के बाद राजसी ठाट-बांट के साथ निकाला गया.

महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि भगवान दूसरी सवारी पर श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमौलेश्वर के रूप में अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले. श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्‍त्र पुलिस बल के जवान आदि शामिल रहे. सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार कहारवाडी होते हुए रामघाट क्षिप्रा तट पहुंची. वहां मां क्षिप्रा के जल से पूजन-अर्चन के बाद भगवान महाकाल की सवारी नए रूट से होते हुए भक्तों को दर्शन देते हुए निकली.

मराठा समय की परंपरा का आज भी प्रभाव
महाकाल मंदिर में मराठा परंपरा का विशेष तौर पर प्रभाव है. महाराष्ट्रीय परंपरा में शुक्ल पक्ष से माह का शुभारंभ माना जाता है. कार्तिक-अगहन मास में भी महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू होती है. इसी वजह से आज कार्तिक मास की दूसरी सवारी निकाली गई.

हरि और हर के मिलन का प्रतीक
गोपाल मंदिर के पुजारी ने बताया कि बाबा महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) के मिलन का प्रतीक है. महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप से रात 11 बजे निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी बाजार, पटनी बाजार होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचेगी. सवारी में ढोल-नगाड़ों के साथ आतिशबाजी की जाएगी. कई जगह स्वागत होगा. गोपाल मंदिर पहुंचने पर सवारी मंदिर के अंदर लाई जाएगी. यहां भगवान शिव भगवान विष्णु के सामने आसीन होंगे और हरिहर मिलन होगा.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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