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Agriculture News: गेंदे का पौधा एक ट्रैप क्रॉप की तरह काम करता है. इसका मतलब है कि यह कीटों को अपनी ओर खींचकर मुख्य फसल को बचाता है. इससे खेत में रासायनिक दवाओं का प्रयोग 60 से 70 प्रतिशत तक घट जाता है. किसान अगर नियमित निगरानी करें और गेंदे के पौधों को सही तरीके से बनाए रखें, तो उन्हें अच्छा उत्पादन मिल सकता है.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन में रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों ने खेतों की तैयारी शुरू कर दी है. इस बार भी जिले में गेहूं, चना और मक्का जैसी प्रमुख फसलों की बुआई बड़े पैमाने पर की जा रही है लेकिन किसानों के बीच चने की फसल सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रही है. इसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है और लागत भी अपेक्षाकृत कम आती है. हालांकि कई बार चने की फसल पर इल्ली और कीटों का प्रकोप किसानों की मेहनत पर पानी फेर देता है. अब कृषि वैज्ञानिकों ने इस समस्या का एक सरल और फायदेमंद उपाय बताया है.
कीटों को आकर्षित करता है गेंदा
डॉ सिंह के अनुसार, गेंदा का पौधा अपनी तेज खुशबू और चमकीले रंग की वजह से कीटों को अपनी ओर आकर्षित करता है. जब खेत में इल्ली का प्रकोप होता है, तो वह मुख्य फसल यानी चने पर हमला करने के बजाय गेंदा के फूलों की ओर चली जाती है. इससे चने की फसल सुरक्षित रहती है और किसानों को कीटनाशक दवाओं पर खर्च नहीं करना पड़ता. यह तरीका न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है बल्कि पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है.
घट जाएगा रासायनिक दवाओं का खर्च
उन्होंने आगे कहा कि गेंदा एक ट्रैप क्रॉप (Trap Crop) की तरह काम करता है. इसका मतलब यह है कि यह फसल कीटों को अपनी ओर खींचकर मुख्य फसल को बचाती है. इससे खेत में रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल 60 से 70 प्रतिशत तक घट जाता है. किसान अगर नियमित निगरानी रखें और गेंदे के पौधों को सही तरीके से बनाए रखें, तो उन्हें बेहतर उत्पादन मिल सकता है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.