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Sagar Nagar Nigam News: नगर निगम सीवरेज के गंदे पानी को बेचकर करोड़ों रुपए की कमाई करेगा. सीवरेज के पानी से सालाना 2 करोड़ 20 लाख रुपए मिलेंगे. पानी की डिमांड बढ़ने पर यह राशि और भी अधिक जा सकती है. जानें पूरा मामला…
Sagar News: सागर नगर निगम पहली बार ऐसा कारनामा करने जा रहा, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. नगर निगम सीवरेज के गंदे पानी को बेचकर करोड़ों की कमाई करेगा. गंदे पानी से सालाना 2 करोड़ 20 लाख रुपए मिलेंगे. पानी की डिमांड बढ़ने पर यह राशि और भी अधिक हो सकती है. इससे नगर निगम की इनकम बढ़ेगी और इस राशि को विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा.
बता दें कि सागर से करीब 10 किलोमीटर दूर पथरिया हाट में 10 करोड़ की लागत से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया था, जिससे रोजाना दो करोड़ लीटर पानी ट्रीट किया जा रहा है. इसी पानी को अब सिदगुवां में स्थित औद्योगिक क्षेत्र के लिए सप्लाई किया जाएगा. नगर निगम और एमपीआरडीसी के बीच 6 रुपए प्रति हजार लीटर पानी खरीदने को लेकर सहमति बन गई है. गर्मियों से यह सप्लाई शुरू हो जाएगी.
अभी किसानों को फ्री में दे रहे…
सीवरेज के वॉटर ट्रीटमेंट पानी की सप्लाई से दो तरह के फायदे होंगे. एक तो नगर निगम को सीधी इनकम बढ़ जाएगी, दूसरा पानी की कमी की वजह से जो व्यापारी अपने उद्योग को दूसरी जगह शिफ्ट करना चाह रहे थे, वह यहीं पर रहेंगे. साथ ही पानी की व्यवस्था होने से नए उद्योग भी बसाए जा सकेंगे. सागर नगर निगम द्वारा शहर में 209 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है, जिसे निकालने वाला सीवरेज सीधा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचता है. अभी इस प्लांट के द्वारा रोजाना एक करोड़ लीटर पानी साफ किया जाता है, जिसे किसानों के लिए निशुल्क दिया जा रहा है.
सिदगुवां औद्योगिक क्षेत्र थी ये समस्या
सिदगुवां औद्योगिक क्षेत्र में चल रही इकाइयों में जो समस्याएं हैं, उनमें सबसे बड़ी समस्या पानी की है. राजघाट बांध से पानी दिया जाना था, लेकिन नहीं मिल सका. यहां जल निगम के माध्यम से भी पानी देने के लिए प्रयास किए जाते रहे हैं. हालांकि, इसकी कोई डेडलाइन तय नहीं हो सकी. ऐसे में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से मिलने वाला पानी औद्योगिक इकाइयों की प्रोसेसिंग, गार्डनिंग एवं सफाई आदि में उपयोग में लिए जाने से इकाइयों के संचालन में मदद होगी.
हम तैयार हैं…नगर आयुक्त
सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री बताते हैं कि पानी को लेकर निगम और एमपीआरडीसी के बीच 27 सितंबर 2024 को एमओयू पहले ही हो चुका था. रेट को लेकर महापौर परिषद और निगम परिषद से भी इसकी स्वीकृति हो गई है. हम रोजाना 2.50 करोड़ लीटर पानी साफ कर रहे हैं. हम किसी भी दिन से पानी देने को तैयार हैं.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें