राजगढ़ जिले की कालीपीठ पुलिस ने हत्या के मामले में फरार पांच आरोपियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
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थाना प्रभारी जितेंद्र अजनारे के अनुसार, फरियादी भगवानसिंह तंवर निवासी बेरखेड़ी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता बापूलाल तंवर ने अपने रिश्तेदार मांगीलाल और पप्पू को कुछ रुपए उधार दिए थे। 3 नवंबर को जब बापूलाल पैसे मांगने गए, तो मांगीलाल और पप्पू ने विवाद शुरू कर दिया।
विवाद के दौरान मांगीलाल और पप्पू ने गाली-गलौज करते हुए तलवार और डंडे से हमला किया। इस बीच, पवन, धीरप, मिथुन, कस्तूरीबाई और धापूबाई भी मौके पर पहुंच गए। सभी आरोपियों ने मिलकर बापूलाल, भगवानसिंह और पर्वतसिंह पर लाठियों और तलवार से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं।
घायल बापूलाल को जिला अस्पताल राजगढ़ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस टीम ने लगातार तलाश करते हुए गुरुवार को सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में पप्पू पिता नाथूलाल तंवर, पवन पिता मांगीलाल तंवर, धीरप पिता मांगीलाल तंवर, मिथुन पिता पप्पू तंवर और धापूबाई पति पप्पू तंवर शामिल हैं। ये सभी ग्राम रामपुरिया, थाना कालीपीठ के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त हथियार जब्त कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक अरुण जाट, एएसआई विजय सैनी, सुनील मालवीय सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।