इंदौर में रविवार को राष्ट्र सेविका समिति द्वारा पथ संचलन निकाला गया। यह पथ संचलन समाज में सकारात्मकता का वातावरण और समरसता निर्माण करने के संदेश के साथ निकाला गया। पथ संचलन शाम को दशहरा मैदान से उषा नगर चौराहा, रणजीत हनुमान मंदिर, आदित्य नर्सिंग होम,
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संचलन के पूर्व समिति की मालवा प्रांत कार्यवाहिका भारती कुशवाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ एवं समिति का मुख्य उद्देश्य तेजस्वी हिन्दू राष्ट्र का पुनर्निर्माण करना है। राष्ट्र शाश्वत है, चिरंतन है, परमशक्ति है। गीता में कहा गया है- ‘अपेक्षा शुचिर्दक्षा’, अर्थात् निर्मल मन से समाज और राष्ट्र कार्य के लिए समर्पित होना।
पंच परिवर्तन को जीवन में अमल करके परिवार के साथ-साथ राष्ट्र में भी समरसता का भाव जगाना है। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना, जिससे राष्ट्र की आर्थिक स्थिति को समृद्ध और मजबूत बनाना है। हम अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहे, पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें और स्वच्छता के लिए जागरूक रहे। ये सभी कार्य न केवल हम स्वयं करें बल्कि अपने संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भी इस के लिए प्रेरित करें, तभी हम राष्ट्र के, भारत माता के गौरव को विश्व में पुनः प्रतिष्ठित कर सकेंगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पूर्ण गणवेश में कदम से कदम मिलाकर संचलन कर रही थी। समाजजनों द्वारा जगह-जगह संचलन का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष जयश्री तराणेकर और मुख्य अतिथि डॉ. कविता कोठारी थी। कार्यक्रम में एकल गीत संजना चौधरी ने लिया। संचालन विभूति व्यास ने किया।