18 एकड़ जमीन-₹5.85 करोड़ दिए…नहीं हटी आरा मशीनें: भोपाल शहर के बीच ‘बारूद’ के ढेर जैसा टिंबर मार्केट; डेढ़ साल में भी शिफ्टिंग नहीं – Bhopal News

18 एकड़ जमीन-₹5.85 करोड़ दिए…नहीं हटी आरा मशीनें:  भोपाल शहर के बीच ‘बारूद’ के ढेर जैसा टिंबर मार्केट; डेढ़ साल में भी शिफ्टिंग नहीं – Bhopal News


108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में रविवार रात में आग लग गई।

भोपाल शहर के बीचोंबीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि लोगों के लिए ‘बारूद’ के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन टिंबर मा

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इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में रविवार रात में आग लग गई। 5 से 6 आरा मशीनें पूरी तरह से जल गई और ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो गया। आग से दहशत भी फैल गई। टिंबर मार्केट के पिछले हिस्से से रेलवे ट्रैक भी गुजरा है। इस वजह से ट्रेनों को सावधानी से गुजरा गया तो मेन रास्ता बंद करवा दिया गया।

ऐसी भीषण आग पहली बार नहीं, बल्कि हर साल लगती है। साल 2016 में भी ऐसी ही भीषण लगी थी, जब तीन आरा मशीनों की आग 4 घंटे में 36 दमकलों ने बुझाई थी। पिछले साल भी आगजनी की घटना हुई। बावजूद आरा मशीनें शिफ्ट नहीं हुई और रविवार को फिर बड़ी आगजनी हो गई।

टिंबर मार्केट में लगी आग की 3 तस्वीरें देखिए

रविवार देर रात टिंबर मार्केट में भीषण आग लग गई।

आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं।

आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं।

5 से 6 आरा मशीनें पूरी तरह से जल गई है। ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

5 से 6 आरा मशीनें पूरी तरह से जल गई है। ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

48 साल बाद शिफ्टिंग तय… पर डेवलपमेंट कछुआ चाल से यह टिंबर मार्केट करीब 48 साल पुराना है। धीरे-धीरे टिंबर मार्केट के आसपास रहवासी इलाके बस गए। दूसरी ओर, आरा मशीनों में हर साल आग की बड़ी घटनाएं होने लगी। ऐसे में मेट्रो के बहाने इन्हें करीब 30 किलोमीटर दूर परवलिया के छोटा रातीबड़ में शिफ्ट करने का प्रोजेक्ट बना।

इससे पहले आरा मशीनों को शिफ्ट करने के लिए करीब 50 बार प्रशासन स्तर पर चर्चाएं हो चुकी थी। 8 लोकेशन देखी गई। लंबी जद्दोजहद के बाद छोटा रातीबड़ में 18 एकड़ जमीन अलॉट की गई। यहां पर पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए मेट्रो कॉरपोरेशन ने साढ़े 5 करोड़ रुपए भी दे दिए। शुरुआती कुछ महीनों तक तो टेंडर की प्रक्रिया के बीच ही फाइल दौड़ती रही और जब काम की शुरुआत हुई तो वह कछुआ चाल जैसा ही है।

वर्तमान में पानी की टंकी और सड़क का बेस बन रहा है। इस काम को सितंबर तक पूरा करने का टारगेट था, लेकिन काम की रफ्तार देखते हुए कहा जा सकता है कि अभी भी कम से कम छह महीने लगेंगे। ऐसे में शहर के बीच में बड़ा खतरा बरकरार रहेगा।

संचालकों ने सुविधाएं देने की मांग उठाई बता दें कि छोटा रातीबड़ से पहले कबाड़खाना, ऐशबाग स्टेडियम के पास, गोविंदपुरा से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर और चांदपुर में आरा मशीनें शिफ्ट करने के प्रयास हुए थे, लेकिन बात नहीं बन सकी। करीब दो साल पहले पहली बार आरा मशीन संचालकों को नोटिस जारी कर छोटा रातीबड़ में शिफ्ट होने का ऑप्शन दिया गया।

साथ ही कहा था, वे शिफ्ट नहीं होंगे तो हटा दिया जाएगा।। इसके बाद सभी ने लिखित में दिया था कि वे शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। जमीन जिला उद्योग केंद्र को दी गई थी। फिर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MESE) ने टेंडर कॉल किए थे। आरा मशीनों की शिफ्टिंग के बारे में सबसे पहले साल 2007 में बात हुई थी। यानी, इसे ही 18 साल बीत चुके हैं।

छोटा रातीबड़ में चल रहा डेवलपमेंट का काम।

छोटा रातीबड़ में चल रहा डेवलपमेंट का काम।

आरा मशीनों की वजह से ही अटका मेट्रो का दूसरा फेज भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद के बीच 14.99 किमी बन रहा है। एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी) के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम पूरा हो गया है और मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। दूसरी ओर, इसी लाइन के दूसरे फेज सुभाषनगर से करोंद (8.77 किमी) तक का काम आरा मशीनों की वजह से अटका हुआ है। दरअसल, मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए कुल 108 में से 46 मशीनें पहले शिफ्ट होंगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से अंडरग्राउंड रूट का काम प्रभावित हो रहा है।

बरखेड़ी फाटक से भारत टॉकीज तक मेट्रो के रूट पर 108 आरा मशीनें हैं। करीब 48 साल में इन मशीनों की शिफ्टिंग पर 50 से ज्यादा बार चर्चाएं हो चुकी हैं।

बरखेड़ी फाटक से भारत टॉकीज तक मेट्रो के रूट पर 108 आरा मशीनें हैं। करीब 48 साल में इन मशीनों की शिफ्टिंग पर 50 से ज्यादा बार चर्चाएं हो चुकी हैं।

आग लगने के बाद अब जल्दी शिफ्टिंग का दावा इस मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आरा मशीनों की शिफ्टिंग जल्द करने का दावा किया है। रविवार रात आग लगने की घटना के बाद वे भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया, छोटा रातीबड़ में जमीन डेवलप की जा रही है। जल्द ही काम पूरा करेंगे और फिर टिंबर मार्केट को शिफ्ट कर देंगे।

रविवार रात में लगी घंटों बाद भी काबू में नहीं आ पाई। इस वजह से दहशत का माहौल रहा।

रविवार रात में लगी घंटों बाद भी काबू में नहीं आ पाई। इस वजह से दहशत का माहौल रहा।

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भोपाल रेलवे स्टेशन के पास टिंबर मार्केट में भीषण आग

भोपाल में मेन रेलवे स्टेशन के पास पात्रा पुल से लगे टिंबर मार्केट में रविवार को भीषण आग लग गई है। देखते ही देखते इसने करीब 5 से 6 टालों को अपनी चपेट में ले लिया है। लपटें और धुएं के गुबार उठने से अफरा तफरी मच गई। आग काफी दूर से देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि आग शाम करीब 7.30 बजे लगी, जिस पर करीब 3 घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है। आग लगने के बाद भारत टॉकीज इलाके की बिजली बंद कर दी गई है। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचीं। दमकल की करीब 20 से 25 गाड़ियां से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। पढ़े पूरी खबर



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