मंच से संबोधित करते हुए पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह।
प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि राजनीति सभी के भविष्य का निर्णय करती है। हमारे वोटों से अयोग्य व्यक्ति चुन कर आता है तो उसका खामियाजा पूरा समाज उठाता है। इसलिए राजनीति में योग्
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क्योंकि कल के दिन यही हमारे लिए नुकसान करने वाले हो जाते हैं। इनके गलत फैसलों से हमारे भविष्य पर असर पड़ता है। बच्चों, परिवार, समाज और देश पर असर पड़ता है। देश में अवसरवादी राजनीति का दौर है। यह अवसरवादी राजनीति हमेशा लोकतंत्र के लिए घातक है। क्योंकि अवसारवादी जो होता है उसकी न कोई नैतिकता होती है और न ही कोई मूल्य होते हैं।
इसलिए अवसारवादी राजनीति को पूरी तरह से नकारना जनता का दायित्व है। ऐसी राजनीति लोकतंत्र को कमजोर करती है। अवसरवादी राजनीति से लोकतंत्र में लोगों की आस्था धीरे-धीरे कम होती जाती है। उनका यह वीडियो राजनीति गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दीवाली मिलन समारोह में बोले खुरई विधायक दरअसल, यह वीडियो रविवार को बाघराज वार्ड में आयोजित दीपावली मिलन समारोह का है। जिसमें शामिल होने के लिए पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह पहुंचे थे। उन्होंने मंच से संबोधित करते हुए वर्तमान राजनीति पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में अच्छे युवा आगे आएं, यह समय की आवश्यकता है। भ्रष्ट लोग समाज के दीमक हैं। ऐसे लोगों के हाथों में राजनीति होने से गलत फैसले होते हैं और समाज गलत दिशा में चली जाती है। जनता जागरूक व चरित्रवान हो तो भ्रष्ट राजनीति अपने आप समाप्त होगी।
दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह।
स्तरहीन टीवी सीरियल व रीलें संतान पर प्रभाव डालेंगे कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री सिंह ने कहा कि संस्कार विहीन संतान देश, समाज और परिवार तीनों के लिए अहितकारी होती है। संतान ही सबसे बड़ी संपदा होती है यदि वही संस्कार विहीन हो तो जीवन कष्टमय हो जाता है।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित दो हजार से अधिक बहिनों से कहा कि संस्कारों के निर्माण में मां की सबसे बड़ी भूमिका है। उसी के संस्कारों से देश, समाज और परिवार का चरित्र निर्माण व भविष्य निर्माण होता है।
उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु द्वारा मां के गर्भ में चक्रव्यूह भेदन की कला सीखने का उद्धरण सुनाते हुए कहा कि गर्भकाल के दौरान देखे गए स्तरहीन टीवी सीरियल और मोबाइल की रीलें आपकी संतान पर प्रभाव डालेंगे। इसलिए गीता, रामायण पाठ, भजन आदि धार्मिक गतिविधियां और गणित जैसे विषयों का अभ्यास आपके गर्भस्थ शिशु को अच्छे संस्कारों का आरंभ कर सकते हैं। यदि सभी माताएं ऐसा करें तो भगवान राम, भगवान कृष्ण जैसे बेटे और सीता, पार्वती जैसी बेटियां जन्म ले सकती हैं।
महिलाएं मजबूत तो देश मजबूत उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने महिला सशक्तिकरण पर काम किया है। क्योंकि हमारा मानना है कि महिलाएं मजबूत तो देश मजबूत। अधिकतर योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं।
क्योंकि महिला के लिए दिया गया पैसा हमेशा सार्थक होता है जो परिवार के पोषण और हित पर खर्च होता है। महिलाएं पुरुषों से ज्यादा जिम्मेदार होती हैं। मां की ममता उसे अधिक जिम्मेदार बना देती है। उन्होंने कहा कि नशा समाज और परिवारों को नष्ट करता है जिसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है।