छिंदवाड़ा के सतपुड़ा की वादियों में बसी मिट्टी की महक और गांव की सादगी अब विदेशी दिलों को भी लुभाने लगी है। छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम सावरवानी में बीते दिनों स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम से आए पर्यटकों ने चार दिन ग्रामीण जीवन के बीच ऐसे गुजारे, मान
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यूके के लोगों ने कुएं से पानी निकलाकर देशी परंपरा का आनंद लिया।
गांव की गलियों में बैलगाड़ी की सवारी, झिरपा के हाट में खरीदारी, और मक्के की रोटी व बैंगन के भरते का स्वाद—इन सबने विदेशी मेहमानों को अपना बना लिया। उन्होंने गांव की महिलाओं संग साड़ी और स्कार्फ खरीदे, बच्चों के संग खेल में शामिल हुए, देसी मिठाइयों का स्वाद चखा और मिट्टी के घरों में रातें बिताईं।

पर्यटको ने बाजार में दुकानदारों के साथ फोटो निकलवाई
होमस्टे बन रही अब तामिया की पहचान
सावरवानी के होमस्टे सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि भावनाओं से भरे ठिकाने बन गए हैं। मिट्टी की दीवारें, गोबर से लिपे आंगन और सादगी भरा आतिथ्य—विदेशी पर्यटक इसे किसी फाइव-स्टार अनुभव से कम नहीं मान रहे। एक ब्रिटिश पर्यटक ने कहा कि मक्के की रोटी और खीर यहां के लोगों की तरह सच्ची और आत्मीय है

होमस्टे के पास फोटो खींचते विदेशी सैलानी
प्रशासनिक सहयोग से बदला गांव का स्वरूप
कलेक्टर हरेंद्र नारायन और सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार के मार्गदर्शन में सावरवानी को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया है। स्वच्छता, बिजली, पानी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गांव ने नई मिसाल कायम की है।