38% of bar licenses not renewed, reason-15% fee increase, bar operator said – April to August license fees should be waived | 38% बार के लाइसेंस नहीं हुए रिन्यू, वजह-15% फीस बढ़ी, बार संचालक बोले-अप्रैल से अगस्त तक की लाइसेंस फीस माफ की जाए

38% of bar licenses not renewed, reason-15% fee increase, bar operator said – April to August license fees should be waived | 38% बार के लाइसेंस नहीं हुए रिन्यू, वजह-15% फीस बढ़ी, बार संचालक बोले-अप्रैल से अगस्त तक की लाइसेंस फीस माफ की जाए


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भोपाल10 घंटे पहले

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भोपाल में अब तक केवल 62 फीसदी बार संचालकों ने ही अपने लाइसेंस रिन्यू करवाए हैं।

  • आम दिनाें की तुलना में 50 फीसदी पर सिमटा बार का बिजनेस
  • पिछले साल भोपाल में 67 बार थे, इस बार सिर्फ 42 के ही लाइसेंस रिन्यू हुए

कोरोना का असर राजधानी के बारों पर भी पड़ा है। अब तक शहर के केवल 62 फीसदी बार संचालकों ने ही अपने लाइसेंस रिन्यू करवाए हैं। कोरोना की वजह से बार का बिजनेस भी आम दिनाें की तुलना में 50 फीसदी पर सिमट गया है। ऐसी स्थिति में बार संचालक लाइसेंस फीस चुकाकर पहले जैसा मुनाफा कमाने की स्थिति में नहीं है। पिछले वित्तीय वर्ष में भोपाल में 67 बार थे। इस बार अब तक केवल 42 बार के लाइसेंस ही रिन्यू हुए हैं।

शेष ने अपने लाइसेंस ही रिन्यू नहीं करवाए। खास बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष में इन बारों से सरकार को करीब साढ़े नौ करोड़ रुपए मिले थे। लेकिन, इस बार अब तक मात्र 4 करोड़ 79 लाख मिल पाए है। आबकारी अधिकारियों के मुताबिक इस बार साढ़े दस करोड़ रुपए आय का अनुमान है। लेकिन अब तक 4 करोड़ 80 लाख रुपए ही मिले हैं। ऐसे में पांच करोड़ से अधिक की आय कम हुई है। इधर, बार संचालक रूपेश जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अप्रैल से अगस्त तक का शुल्क माफ किया है।

उन्होंने बताया कि कई संचालकों ने बार लाइसेंस इसलिए रिन्यू नहीं करवाए क्याेंकि आय आधी रह गई है। कुछ समय पहले तक तो बार बंद ही थे फिर उस अवधि की फीस माफ होना चाहिए। पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 15 प्रतिशत फीस बढ़ी है। ऐसे में आबकारी को करीब 5 करोड़ का नुकसान हुआ है।

अभी यह है स्थिति
पिछले वित्तीय वर्ष में 32 रेस्त्रां बार, 30 होटल बार और 5 क्लब बार थे। इन सबसे कुल आय 9 करोड़ 30 लाख 61 हजार रुपए मिली थी। लेकिन इस बार अब तक 21 रेस्त्रां बार, 17 होटल बार और चार क्लब बार ने ही लाइसेंस रिन्यू करवाए हैं। इनमें से कई ने 50 प्रतिशत लाइसेंस फीस ही जमा की है। वे बाकी फीस बाद में जमा करेंगे।

सरकार खर्चा दे, नहीं तो हम कोर्ट जाएंगे
अब बार जब सात महीने ही चलाना है तो कोई 12 महीने की फीस क्यों जमा करेगा। हमने मांग भी की है कि अप्रैल से अगस्त तक की लाइसेंस फीस माफ की जाए। वैसे भी इस समय आय घट गई है। ऊपर से लाइसेंस फीस बढ़ी है उस पर भी 25 प्रतिशत बैंक गारंटी देना पड़ती है। इस तरह से काफी खर्चा हो जाता है। सरकार को छूट देना चाहिए, नहीं तो हम कोर्ट जाएंगे।
– तेजकुल पाल सिंह पाली, अध्यक्ष, भोपाल होटल एंड रेस्त्रां एसोसिएशन

अब तक 42 बार के लाइसेंस रिन्यू हो चुके हैं। इनसे करीब चार करोड़ 80 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। कई बार संचालक 50 फीसदी फीस दे रहे हैं वे शेष फीस एक माह बाद देंगे। अगर संख्या इतनी ही रही तो करीब पांच करोड़ रुपए का अंतर आ सकता है।
-राजेंद्र जैन, एडीओ, आबकारी

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