पक्की सड़क न होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बड़वानी के पाटी ब्लॉक स्थित ग्राम मतरकुंड में सड़क नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। एक साल पहले ग्रामीणों ने मिलकर पहाड़ी काटकर कच्चा रास्ता बनाया था, लेकिन अब तक उसका पक्का निर्माण नहीं हो पाया है।
.
मंगलवार को सरपंच मिश्रीलाल ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में सड़क निर्माण की गुहार लगाई।
5 किलोमीटर का पगडंडी वाला रास्ता
सरपंच मिश्रीलाल ठाकुर ने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर का पगडंडी वाला रास्ता है, जिसमें 200 मीटर का पहाड़ी क्षेत्र शामिल है। इस रास्ते से एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है। मतरकुंड गांव की आबादी 1500 से अधिक है और यह जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर चौकी ग्राम पंचायत में आता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि वे सड़क निर्माण के लिए राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी, लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल और विधायक राजन मंडलोई सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।
चुनाव के समय इन जनप्रतिनिधियों ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
लोग बोले-अस्पताल, स्कूल जाने में होती है परेशानी
ग्रामीण राजू डावर ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण बीमार लोगों, खासकर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए झोली या खटिया का सहारा लेना पड़ता है। गांव में अधिकांश आदिवासी वर्ग के लोग रहते हैं। समय पर इलाज न मिलने के कारण अब तक तीन से चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। बच्चों को भी स्कूल जाने में कठिनाई होती है।

झोली बनाकर लोग मरीजों को अस्पताल ले जाते हैं।