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कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशानुसार, सांची जनपद के ग्राम बागोद में कृषि विभाग द्वारा नरवाई (पराली) प्रबंधन पर कृषक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि केपी भगत ने किसानों से अपील की कि धान फसल अवशेष को जलाने से बचें।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व, लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु और खेतों के कीट नष्ट होते हैं। वातावरण प्रदूषित होता है तथा अग्नि दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। उप संचालक ने किसानों को सलाह दी कि सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और रोटावेटर जैसे यंत्रों से पराली को बारीक कर मिट्टी में मिलाया जाए। इससे मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ता है और फसल उत्पादन में सुधार होता है।
रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती करें सहायक संचालक कृषि सुनील सोने ने रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गाय का गोबर, गौमूत्र, भूसा और नीम पत्ती का उपयोग खेतों में करने से बिना रसायन के शुद्ध अनाज तैयार किया जा सकता है। संगोष्ठी में बीएस कोठारी द्वारा कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गई और ग्राम कृषक जुबेर रहमान के खेत में सुपर सीडर का डेमो प्रदर्शन किया गया। सभी किसानों ने इसे देखकर प्रसन्नता जताई और अपने खेतों में इसके उपयोग की सहमति दी।