भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के समापन से पहले धार में शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया मौजूद
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सरकार इस वर्ष 1 से 15 नवंबर, 2025 तक जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा आयोजित कर रही है, जिसका समापन कल (15 नवंबर) जनजातीय गौरव दिवस पर होगा। सावित्री ठाकुर ने कहा कि सरकार भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों और उनके योगदान को संरक्षित रखने के लिए लगातार कार्यरत है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों ने आदिवासी समाज को नए अवसर, सम्मान और पहचान प्रदान की है।
मंत्री निर्मला भूरिया ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे हिंदू अस्मिता की आवाज उठाने वाले, धर्मांतरण के प्रयासों के खिलाफ खड़े होने वाले और औपनिवेशिक व्यवस्था के विरुद्ध उग्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले महान नायक थे। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया था, ताकि आदिवासी समुदाय की संस्कृति और इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जा सके।
इसके साथ ही सरकार द्वारा जनजातीय समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रमुख कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कौशल विकास और कला-संरक्षण से संबंधित कई योजनाएं शामिल हैं।
मंत्रियों ने सरकार के इन कामों को भी गिनवाया • वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनजातीय उपयोजना (TSP) में 47,296 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.91% अधिक है।
• जनजातीय कार्य विभाग में लगभग 4600 पदों की पूर्ति की प्रक्रिया जारी है, जिनमें से उच्च माध्यमिक शिक्षक के 637 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है।
• एकलव्य मॉडल स्कूलों में 1806 शैक्षणिक कर्मचारी और 40 प्राचार्यों की नियुक्ति की गई है।
• लगभग 1.40 लाख विद्यार्थियों को छात्रावास, आश्रम शालाओं और अन्य आवासीय संस्थानों में प्रवेश देकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
• वित्त वर्ष 2025-26 में 300 अधीक्षक आवास गृहों के लिए 68.34 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
• प्रदेश भर में 153 विशिष्ट आवासीय विद्यालयों के माध्यम से 54 हजार विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा दी जा रही है।
• सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम के लिए अब तक 1,11,744 विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
• महाविद्यालयीन छात्रावासों में वर्षभर 12 माह मेस संचालन की स्वीकृति दी गई है।
• नेतृत्व विकास शिविर योजना के तहत प्रतिवर्ष करीब 300 मेधावी विद्यार्थियों को भारत दर्शन कार्यक्रम कराया जाता है।
• शिल्पग्राम महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इस वर्ष लगभग 800 जनजातीय कलाकारों को प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने का अवसर दिया गया।
• शंकरशाह-दुर्गावती पुरस्कार योजना के तहत प्रतिवर्ष 230 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है।
• जनजातीय क्षेत्रों में संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों में से 24 विद्यालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष निर्माण मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
• सांदीपनि विद्यालयों में 100-100 सीटर छात्रावासों के लिए 352 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
• 43 छात्रावास भवनों के निर्माण हेतु 185.46 करोड़ और 17 आश्रम शाला भवनों के लिए 46.82 करोड़ स्वीकृत हुए हैं।
• अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत 10 माता शबरी कन्या शिक्षा परिसरों के लिए 400 करोड़ तथा 7 महाविद्यालयीन छात्रावास भवनों के लिए 31.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है।