शुक्रवार को एक नवजात बच्चे की मौत हो गई।
कटनी जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। उनका कहना है कि अगर समय पर ऑपरेशन किया जाता तो बच्चे की जान बच सकती थी।
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डॉक्टर ने जिला अस्पताल से जबलपुर रेफर किया
बरही नगर निवासी उमेश रजक ने बताया कि गुरुवार रात उनकी 36 साल गर्भवती पत्नी सीता रजक को प्रसव पीड़ा हुई थी। उन्हें पहले बरही अस्पताल ले जाया गया, जहां से देर रात ही कटनी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
उमेश रजक ने बताया कि शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह दी। सुबह से दोपहर करीब 1:30 बजे तक वे एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे। एम्बुलेंस मिलने के बाद वे अपनी पत्नी को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हो गए।
रेफर करने के बाद वापस हॉस्पिटल बुलाया
तेवरी ग्राम पहुंचते ही उमेश रजक को जिला अस्पताल से डॉक्टर दुर्गा मैडम का फोन आया। उमेश के आरोप के मुताबिक, डॉक्टर ने उन्हें वापस आने और कटनी में ही ऑपरेशन कर डिलीवरी कराने के लिए कहा। डॉक्टर के कहने पर उमेश अपनी पत्नी को लेकर तुरंत जिला अस्पताल लौटे। जब ऑपरेशन किया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्चा गर्भ में ही मृत पाया गया।
समय पर ऑपरेशन न मिलने से मौत का आरोप
उमेश रजक का आरोप है कि यदि जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा समय रहते ऑपरेशन करने का निर्णय ले लिया गया होता, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। नवजात की मौत से परिवार सदमे में है।
उमेश रजक ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी सीता रजक की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
इस संबंध में सिविल सर्जन यशवंत वर्मा ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि परिजनों को समय रहते जबलपुर रेफर करने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महिला की हालत अभी भी गंभीर है, और उसे बेहतर उपचार के लिए पूरी व्यवस्था के साथ जबलपुर रेफर किया जा रहा है।