पिछले चार दशकों में पेट, लिवर और इंटेस्टाइन से जुड़ी बीमारियों का पूरा पैटर्न बदल चुका है। यह बदलाव हमारी बदलती लाइफस्टाइल, स्ट्रेस और केमिकलयुक्त फूड का नतीजा है, जिसके कारण फैटी लिवर से लेकर कोलन डिजीज और इंटेस्टाइनल डिसऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।
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भोपाल में सागर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड सेवाओं की शुरुआत के दौरान मुंबई से आए गैस्ट्रो साइंसेज विशेषज्ञ डॉ. चेतन भट्ट ने कहा कि लोग पहले बीमारी को न्योता नहीं देते थे, अब लोग खुद बीमारी की तरफ बढ़ रहे हैं।
डॉ. भट्ट बोले- समय बदला, बीमारियां बदलीं डॉ. चेतन भट्ट ने बताया कि 40 साल पहले पेट संबंधी रोग बेहद सामान्य हुआ करते थे। जिसमें एसिडिटी, अल्सर, दूषित पानी से पीलिया, डायरिया, गेस्ट्रो-एंटेराइटिस और कॉन्स्टिपेशन शामिल है। लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
स्ट्रेस रिलेटेड डिजीज कई गुना बढ़ी है। फूड रिलेटेड डिस ऑर्डर्स आज रोग का सबसे बड़ा कारण बना है। केमिकल और प्रिजर्वेटिव वाले फूड पेट और आसपास के ऑर्गन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फैटी लिवर बेहद तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि हाई-कैलोरी फूड आम बात हो गया है।
टाइप-1 डायबिटीज जल्द क्योरेबल
डॉ. भट्ट ने इस दौरान भविष्य का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज अब क्योरेबल डिजीज बनने की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज में बच्चे पैंक्रियाज के डैमेज्ड इंसुलिन सेल्स के कारण पीड़ित होते हैं। अब पैंक्रियाज ट्रांसप्लांट और इम्यूनोलॉजी पर तेजी से रिसर्च हो रही है। आने वाले समय में ऐसे इंजेक्शन उपलब्ध हो सकते हैं, जो इन सेल्स को रिप्लेस कर बीमारी को क्योर कर देंगे।
एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड की भोपाल में मिलेगी सुविधा
सागर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उन्होंने मध्य भारत के पहले ओलंपस EU-ME3 EBUS सिस्टम और BF-UC190F स्कोप का उद्घाटन किया। डॉ. भट्ट ने मशीन शुभारंभ के दौरान कहा कि यह मशीन एंडोस्कोपी और सोनोग्राफी दोनों साथ करती है।
वे बीमारियां पकड़ लेती हैं, जो CT–MRI भी नहीं दिखाते। बाइल डक्ट स्टोन, लिम्फ नोड कैंसर, TB की पुष्टि समेत अन्य रोग की पुष्टि होती है। पैंक्रियाज डिजीज की बारीक से जांच करती है। साथ ही, फाइन नीडल एस्पिरेशन से बिना चीरा के इलाज संभव होता है। यह तकनीक बेहतर इमेजिंग और सटीक निदान देगी। डॉक्टर कम इनवेसिव और अधिक प्रभावी उपचार कर सकेंगे।
कार्यक्रम में SMH डायरेक्टर डॉ. आदित्य अग्रवाल, CEO डॉ. अतुल अदानिया, गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ. निखिल जालोरी जैन, डॉ. रघुवीर चंद्रा, और ओलंपस टीम लीड जॉकी चौकसे उपस्थित रहे।