बच्चों के विवाह की मन्नत पूरी होने पर सुल्तान खान की परिक्रमा।
हरदा जिले के अफगांव कला गांव निवासी मुस्लिम बुजुर्ग सुल्तान खान अपनी मनोकामना पूरी होने पर नर्मदा परिक्रमा पर निकले हैं। मजदूरी करने वाले मुस्लिम शख्स के 7 बच्चे थे। पैसे नहीं होने के कारण शादी नहीं हो पा रही थी। मनोकामना पूरी होने के बाद यात्रा पर न
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अंजड़ में सुल्तान खान नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए बने सेवा केंद्र पर रुके, जहां चाय की व्यवस्था थी। यहां वे लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने। इसके बाद उन्होंने अंजड़ नगर की भावसार धर्मशाला में विश्राम किया।
मुस्लिम बुजुर्ग बोले- मां नर्मदा से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती
सुल्तान खान ने बताया कि वे मुस्लिम हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके सात बच्चे हैं। बच्चों की शादी न होने से वे चिंतित थे। उन्होंने मां नर्मदा से प्रण लिया था कि बच्चों की शादी होने पर वे परिक्रमा करेंगे। उनके छह बच्चों की शादी हो चुकी है।
मां नर्मदा से किए गए प्रण के अनुसार, उन्होंने गत माह पूर्णिमा से परिक्रमा यात्रा शुरू की है। ठंड के मौसम के बावजूद परिक्रमा के प्रति उनका हौसला बना हुआ है। सुल्तान खान के अनुसार, मां नर्मदा से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, बशर्ते पाठ-पूजन सही ढंग से और नियम से किया जाए।
देखिए तस्वीर…
रविवार को बड़वानी जिले के अंजड़ क्षेत्र में लोगों ने स्वागत किया।

मनोकामना पूरी होने पर यात्रा पर अकेले निकले मुस्लिम बुजुर्ग।
बच्चों ने नहीं की आर्थिक मदद, अकेले यात्रा पर निकले
उन्होंने बताया कि बच्चों की शादियों के बाद उन्होंने नर्मदा परिक्रमा के अपने प्रण के बारे में बच्चों को बताया, लेकिन उन्हें आर्थिक सहयोग नहीं मिला। इसके बावजूद, मनोकामना पूरी होने पर उनके मन में परिक्रमा की धुन सवार थी। वे शासन से मिलने वाली 600 रुपए मासिक पेंशन के सहारे अकेले ही इस यात्रा पर निकले हैं।
मैया के सहारे रास्ते भर भोजन-पानी की सेवा मिल रही हैं। सुल्तान खान ने कहा कि जीवन में दोबारा मौका मिला तो वे आगे भी परिक्रमा का सिलसिला जारी रखेंगे।
उनको आरती-पूजन तो नहीं आता, लेकिन वे मां नर्मदा के जयघोष के साथ परिक्रमा पर आगे बढ़ रहे हैं। रास्ते में आरती-पूजन में शामिल हो रहे हैं। मैया मैं आज पूजा करने आया हूं…नर्मदा परिक्रमा पर निकले सुल्तान खान की ओर से मैया नर्मदा की आस्था प्रकट करते हुए गीत का गायन भी कर रहे हैं। मैं आज पूजा करने आया हूं। अगर मैं जल चढ़ाऊ मैया वो भी मछली का झूठा हैं मैया, अगर मैं फूल चढ़ाऊं मैया वो भी भंवरे का झूठा हैं। मैया मैं आज पूजा करने आया हूं..।