मंदसौर जिले के शामगढ़ में हर्षल जैन की फर्जी किडनैपिंग का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला कि हर्षल ने अपने इंजीनियर पिता से 50 लाख रुपये ऐंठने के लिए खुद के अपहरण की योजना बनाई थी। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
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लग्जरी खर्चों ने बढ़ाया कर्ज
हर्षल ने पुलिस को बताया कि महंगी जीवनशैली और बढ़ते खर्चों के कारण वह करीब 1.5 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गया था। यह कर्ज मंदसौर जिले के साथ-साथ कोटा से भी लिया गया था। पुलिस अब जांच कर रही है कि विभिन्न ऋणों के लिए किन दस्तावेजों का उपयोग किया गया और पैसा किन-किन लोगों से लिया गया।
हर्षल का मानना था कि उसके पिता, जो गरोठ में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर हैं, उसके लिए 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर देंगे। इसी सोच के चलते उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पूरी फर्जी किडनैपिंग की साजिश रची।
हर्षल से कड़ी पूछताछ की जा रही है जबकि उसके दो साथी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। शामगढ़ थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कैफे के कारोबार में हुआ था घाटा
जानकारी के अनुसार, हर्षल लंबे समय से कोटा में एक दोस्त के साथ हॉस्टल में रह रहा था और वहां उसकी एक फैक्ट्री तथा कैफे भी थे। व्यापार में नुकसान और बढ़ती आर्थिक परेशानियों के चलते उसने खुद को अगवा दिखाकर फिरौती मांगने का नाटक तैयार किया। मंदसौर पुलिस ने 20 घंटे के अंदर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
अभी और खुलासों की संभावना
जनरलसिंह और कुलदीप कहार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस केस में और भी खुलासे होंगे। मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि केस के अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है और सभी आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।