बुरहानपुर मजदूर यूनियन ने टेक्सटाइल उद्योगों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों के लंबित बढ़े हुए वेतन की मांग को लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। रविवार को इस मुद्दे के समर्थन में स्थानीय गणपति मंदिर में एक महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई, जिसमें
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10 हजार श्रमिकों का 18 महीनों से वेतन लंबित
बुरहानपुर में करीब 10,000 टेक्सटाइल श्रमिकों का 18 महीने से बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिला है। इस समस्या को लेकर श्रमिक पहले भी कामबंद हड़ताल कर चुके हैं, जिससे कई कारखानों का उत्पादन ठप हो गया था। श्रमिकों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम वेतन वृद्धि उद्योगपतियों द्वारा लागू नहीं की गई है। वेतन बढ़ोतरी मांगने पर श्रमिकों को नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जा रही है।
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन, हल अभी भी लंबित
पहले भी मजदूर यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर वेतन वृद्धि का तत्काल भुगतान, कारखाना मालिकों पर कार्रवाई और श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ ने उद्योगपतियों और श्रमिक प्रतिनिधियों की बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह के अनुसार, शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
श्रमिक संगठनों ने राज्य स्तर पर दिया समर्थन
गणपति मंदिर में आयोजित सभा में बुरहानपुर मजदूर यूनियन, सीटू (CITU), मध्य प्रदेश श्रमिक अधिकार मंच सहित कई संगठनों ने शिरकत की। सभी संगठनों ने टेक्सटाइल श्रमिकों की बढ़े वेतन की मांग को राज्य स्तर पर समर्थन दिया और स्थानीय प्रशासन व राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
गणपति मंदिर में एकजुट हुए प्रदर्शनकारी