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Vermicompost Technique : अगर सभी किसान गाय के गोबर से वर्मीकम्पोस्ट वाली इस विधि को अपनाएं, तो खेती का मुनाफा प्राकृतिक तरीके से कई गुना बढ़ सकता है. कई किसान इससे अपना उत्पादन बढ़ा रहे हैं.
Vermicompost Technique : किसानों में जैविक खेती का चलन फिर बढ़ रहा है. रासायनिक खादों के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत बिगड़ी है. इसलिए किसान अब वर्मी कम्पोस्ट जैसे प्राकृतिक विकल्प अपना रहे हैं. यह खाद तैयार करना आसान है और इसमें लागत भी बहुत कम होती है. वर्मी कम्पोस्ट को “काला सोना” कहा जाता है. इसकी वजह है इसकी उच्च गुणवत्ता और तेज असर. यह खाद गोबर और जैविक कचरे से बनती है. केंचुए इस सामग्री को खाकर उसे बेहतरीन खाद में बदल देते हैं. नई तकनीक में खाद 45 दिनों में तैयार हो जाती है. पारंपरिक तरीके में 3-4 महीने लगते थे.
इस प्रक्रिया की शुरुआत सही जगह चुनने से होती है. किसान छायादार और समतल स्थान चुनते हैं. जमीन पर रेत की एक परत बिछाई जाती है. उसके ऊपर सड़ा हुआ गोबर और सूखे पत्ते डाले जाते हैं. यह मिश्रण केंचुओं के लिए भोजन बनता है. इसके लिए रेड वर्म सबसे बेहतर माना जाता है. एक क्विंटल सामग्री में करीब 1 किलो केंचुए काफी होते हैं. नमी इस प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है. किसान जूट की बोरी से खाद को ढकते हैं. रोज हल्के पानी से नमी 50-60% रखी जाती है. यह नमी केंचुओं को सक्रिय रखती है. ज्यादा पानी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए किसानों को सावधानी रखनी होती है.
लगभग 45 दिन में खाद तैयार हो जाती है. इसका रंग गहरा होता है और यह दानेदार बनावट में मिलती है. इसमें बदबू नहीं होती. यही वर्मी कम्पोस्ट है. यह खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है. जलधारण क्षमता भी कई गुना हो जाती है. इससे फसलों की जड़ें मजबूत बनती हैं. उत्पादन में 20-30% तक बढ़ोतरी देखी गई है. इसके साथ एक और उत्पाद मिलता है-वर्मी वॉश. यह नमी के दौरान नीचे इकट्ठा होने वाला तरल है. इसे पौधों के लिए टॉनिक माना जाता है. किसान इसे पानी में मिलाकर स्प्रे करते हैं. इससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं. कीट भी कम लगते हैं. फसल की गुणवत्ता काफी बेहतर हो जाती है.
वर्मी कम्पोस्ट सबसे आसान और असरदार उपाय
किसान भावेश पटेल बताते हैं कि उनका गांव पहले जैविक खेती के लिए जाना जाता था. अब वह फिर किसानों को जागरूक कर रहे हैं. उनका कहना है कि वर्मी कम्पोस्ट सबसे आसान और असरदार उपाय है. इससे जमीन की उर्वरता लौटती है और खेती का मुनाफा बढ़ता है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें