उपभोक्ताओं ने इस तरह की सूचना चस्पा की है।
गुना में एक बार फिर स्मार्ट मीटर का विरोध शुरू हो गया है। इस बार वार्ड क्रमांक 27 के उपभोक्ताओं ने नए तरह का विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने घर पर लगे मीटरों पर सूचना चस्पा की है, जिस पर लिखा है – बिना मकान मालिक की अनुमति के स्मार्ट मीटर ना लग
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विद्युत मीटर सही होने, नियमित बिजली का बिल जमा करने और बिजली चोरी न करने वाले बिजली उपभोक्ताओं ने बिना अनुमति के स्मार्ट मीटर लगाने के विरुद्ध एक नए तरह का अभियान छेड़ दिया है। बिजली उपभोक्ता अपने मीटर के पास सूचना पत्र लगा रहे हैं।
इसमें लिखा है कि घर-घर स्मार्ट मीटर लगाने वाले कर्मचारियों को सूचित किया जाता है कि बिना मकान मालिक की अनुमति के स्मार्ट मीटर ना लगाए अन्यथा मकान मालिक द्वारा दंडात्मक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
अपने मकानों पर नोटिस लगाते उपभोक्ता।
दरअसल, मध्यप्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और स्मार्ट मीटर लगाने वाले ठेकेदार के कर्मचारी उपभोक्ता की अनुमति और कारण बताए बिना पुराने अच्छे डिजिटल मीटर को निकाल कर स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं।
बिजली उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का लिखित कारण और आदेश मांगा जा रहा है लेकिन कोई कारण और आदेश नहीं बताया जा रहा। उल्टा विद्युत कनेक्शन काटने की धमकी के नोटिस एक तरफा उपभोक्ता के मकान पर चस्पा कर रहे हैं।
उक्त नोटिस में लिखा है कि आज आपके द्वारा आवासीय परिसर के विद्युत कनेक्शन पर स्थापित विद्युत मीटर को स्मार्ट मीटर से प्रतिस्थापित करने हेतु विभाग द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधि/कर्मी को सहयोग प्रदान नहीं किया गया। मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता 2021 की कंडिका 6-30 के अनुसार अनुज्ञप्तिधारी के उपकरण की प्रतिस्थापना व परिवर्तन के लिए उपभोक्ता के परिसर में प्रवेश की पात्रता रखते है।
यदि उपभोक्ता अनुज्ञप्तिधारी प्रतिनिधि को उपरोक्त उल्लेखित करने से परिसर में प्रवेश करने के लिए युक्तियुक्त सुविधा प्रदान नहीं करता है एवं 24 घंटे की लिखित सूचना के बावजूद भी प्रवेश की सुविधा प्रदान नहीं करता है, तो अनुज्ञप्तिधारी उपभोक्ता का संयोजन विच्छेद करने हेतु प्राधिकृत होगा।
आपको 24 घंटे का नोटिस दिया जा रहा है। कृपया स्मार्ट मीटर प्रतिस्थापना हेतु सहयोग प्रदान करें अन्यथा की स्थिति में नियम अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

नोटिस चस्पा करते उपभोक्ता।
इस नोटिस के संबंध में जब उपभोक्ता पूछते हैं कि हमारा मीटर खराब नहीं है तो आप जबरन क्यों और किस आदेश से बदल रहे हो? किस प्रावधान के तहत बदल रहे हो? मीटर बदलने का लिखित आदेश, कारण सहित उपभोक्ता को दिए बिना आप सीधे ही नोटिस चस्पा कर उपभोक्ता को नीचा क्यों दिखाना चाहते हो? तो इन प्रश्नों के उत्तर कर्मचारियों द्वारा नहीं दिए जाते।
किसी भी आदेश का उल्लंघन किए जाने पर नोटिस दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन यहां मीटर बदलने का आदेश, कारण लिखकर उपभोक्ता के नाम से दिया ही नहीं जा रहा। लेकिन जब उपभोक्ता मीटर बदलने में आपत्ति जता रहा है तो नोटिस जरूर लिखित में चस्पा किया जा रहा है। उपभोक्ता बिजली विभाग के इसी रवैए से खिन्न हैं और इसे दादागिरी बता रहे हैं।