बीआरटीएस तोड़ने का काम धीमी गति से चलने के मामले में लगी जनहित याचिका के मामले में सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें याचिकाकर्ता की ओर से अवगत कराया गया कि अभी तक बीआरटीएस तोड़ने का काम पूरा नहीं हुआ है जिससे ट्रैफिक काफी अव्यस्थित हो गया है और
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मामले में पिछली बार इंदौर में ट्रक हादसे सहित अन्य ट्रैफिक के मुद्दे को लेकर चीफ जस्टिस के समक्ष इंदौर में सुनवाई हुई थी। इसके बाद इस मामले में सुनवाई को लेकर याचिकाकर्ता की ओर से एक आवेदन दिया गया था। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इसमें बीआरटीएस को तोड़ने में हो रही लेतलाली के बारे में बताया। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई में कलेक्टर और निगम कमिश्नर को तलब किया है।
ड्रोन से देखें इंदौर का बीआरटीएस कॉरिडोर।
दरअसल हाई कोर्ट के आदेश के करीब 8 महीने बाद बीआरटीएस को तोड़ना शुरू किया था। इसमें कुछ रैलिंग हटाई थी और ठेकेदार ने फिर काम करने से इनकार कर दिया था अफसरों ने ठेकेदार को फोन लगाया तो उसने कहा, आप चाहें तो मेरी अर्नेस्ट मनी जब्त कर लें, लेकिन मैं यह काम नहीं कर पाऊंगा। निगम अफसरों ने ठेकेदार से दोबारा बात की थी। दोपहर में डीडी के माध्यम से उसने 7 लाख की राशि जमा की थी। अभी भी काम काफी धीमी गति से चल रहा है। जीपीओ से इसके तोड़ने की शुरुआत हुई थी और अभी तक शिवाजी प्रतिमा तक की भी रैलिंग तोड़ी नहीं गई है।
फरवरी में हुआ था रैलिंग हटाने का आदेश
- फरवरी 2025 : बीआरटीएस की रैलिंग हटाने का आदेश।
- अप्रैल 2025 : दो बार टेंडर निकाला। ठेकेदार नहीं मिला।
- जून 2025 : तीसरा टेंडर, शर्तों में ढील, पेमेंट का विकल्प जोड़ा।
- अगस्त 2025 : चौथा टेंडर, दो कंपनियों ने बोली लगाई।
- सितंबर 2025 : राजगढ़ के ठेकेदार दिनेश यादव को 2.52 करोड़ में काम दिया।
सबसे चर्चित प्रोजेक्ट बीआरटीएस जितनी मुश्किलों से बना था, उससे ज्यादा परेशानी अब तोड़ने में आ रही है। ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रफुल्ल जोशी का कहना है, बीआरटीएस का अपना एक सिस्टम है। यदि इसे हटा रहे हो तो समानांतर व्यवस्थाएं भी पहले जुटानी होंगी। प्लानिंग भी करना होगी। रातोरात सिर्फ रैलिंग तोड़ने से कुछ नहीं होगा। अभी कंट्रोल रूम से जो पूरा सिस्टम रन कर रहा है, वह भी बदलेगा। कई बिंदु हैं, जिन पर पहले काम करने, सोचने-विचारने की जरूरत है।

वर्टिकल ग्रोथ के लिए सबसे बड़ा कॉरिडोर
- वर्तमान में शहर का विस्तार एबी रोड के दोनों ओर तेजी से हो रहा है। एबी रोड राऊ से मांगलिया तक अलग-अलग हिस्सों में कमर्शियल और आवासीय जोन में बंटा है।
- सरकार ने आसपास ही ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलमेंट की रूपरेखा तैयार की है। मास्टर प्लान सड़कों के लिए टीडीआर का सबसे ज्यादा वैल्युएशन भी इसी जोन में किया है।
- 31 किमी के एबी रोड का यह हिस्सा बड़े ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित होगा। इसके आसपास ही मास्टर प्लान 2021 के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की गई हैं।
- एलआईजी से नौलखा वाले हिस्से को छोड़ दें तो इसके दोनों ओर 60 मीटर विकसित करने के लिए पर्याप्त जगह है।

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इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तत्काल प्रभाव से तुर्किये की कंपनी असिस गार्ड का ठेका निरस्त कर दिया है। निगम सूत्रों के मुताबिक बीआरटीएस का फेयर कलेक्शन सिस्टम का काम असिस गार्ड कंपनी के पास होने की जानकारी लगने के बाद मेयर ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से टेंडर कैंसिल करने को कहा था। पूरी खबर पढ़ें