सबके दिल में गिल घर बना लेते, कुंबले की तरह शुभमन के पास भी मौका था

सबके दिल में गिल घर बना लेते, कुंबले की तरह शुभमन के पास भी मौका था


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कोलकाता के ऐतिहासिक ईडेन गार्डेंस मैदान पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल को पहली पारी में गर्दन में दर्द की वजह से मैदान से बाहर जाते सबने देखा और किसी ने उनके लिए दुआ की. दूसरी पारी में सबको इंतजार था कि शुभमन बल्लेबाजी करके आएंगे और भारत को जिता देंगे और उस इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करा लेंगें जिसमें जांबाजी के लिए अनिल कुंबले, मैल्कम मॉर्शल, क्रिस वोक्स ने टीम के लिए चोटिल होने के बावजूद टीम के लिए मदान पर उतरे.

क्या शुभमन गिल दर्दनिवरक इंजेक्शन लेकर भी नहीं कर पाते बल्लेबाजी

नई दिल्ली. सोमवार को कोलकाता हास्पिटल से बाहर आते शुभमन गिल को देखकर पहली नजर में यहीं लगा कि वो परेशानी के दौर से गुजर रहे है . हाथ में टेप,  गर्दन में पट्टी , और सीधी चाल से जब भारतीय कप्तान खुद चलकर बाहर आया तो लगा कि वो शायद गुवाहाटी मैच से पहले खेलने की स्थिति में आ जाए साथ ही मन में एक सवाल भी आया कि क्या गिल की चोट इतनी गंभीर थी कि वो दूसरी पारी में इंजेक्शन लेकर भी देश के लिए बल्लेबाजी ना कर पाते.

कोलकाता के ऐतिहासिक ईडेन गार्डेंस मैदान पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल को पहली पारी में गर्दन में दर्द की वजह से मैदान से बाहर जाते सबने देखा और किसी ने उनके लिए दुआ की. दूसरी पारी में सबको इंतजार था कि शुभमन बल्लेबाजी करके आएंगे और भारत को जिता देंगे और उस इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करा लेंगें जिसमें जांबाजी के लिए अनिल कुंबले, मैल्कम मॉर्शल, क्रिस वोक्स ने टीम के लिए चोटिल होने के बावजूद टीम के लिए मैदान पर उतरे और अपनी जाबांजी की एक मिसाल कायम की.

गिल बन सकते थे मिसाल!

शुभमन गिल जब कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में गर्दन में आए खिचांव की वजह से बाहर गए तो लगा कि वो दूसरी पारी तक फिर हो जाएंगे और बल्लेबाजी करने जरूर आएंगे क्योंकि टीम पहले से ही स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों की कमी से जूझ रही थी और उस पर गिल का चोटिल होना टीम के लिए बड़ी परेशानी का सबब था. दिन का खेल खत्म होते होते खबर आती है कि गिल पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं करेंगे ये समझा जा सकता था क्योंकि टीम के पास लीड थी. पर दूसरी पारी में जब टीम 123 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डगमगा रही थी तो हर कोई सोच रहा था कि गिल शायद इंजेशन लगातर मैदान पर आए क्योंकि अंत में जीत और हार का अंतर सिर्फ 30 रन का था. गिल ने कुछ महीने पहले ओवल में ये देखा भी था जब क्रिस वोक्स का कंधा उतर गया पर वो प्लास्टर लगातर टीम को बचाने के लिए बल्लेबाजी करने आए. वो याद करके हम सब भी सोच रहे थे कि काश ऐसा हो जाए पर हुआ नहीं और टीम को मुंह की खानी पड़ी.



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