सोहागी-चाकघाट-जनेह में रेत का अवैध उत्खनन बेखौफ हो रहा: थानों के सामने से UP जा रहे बिना नंबर प्लेट के डंपर; पुलिस-खनिज विभाग पर मिलीभगत के आरोप – Rewa News

सोहागी-चाकघाट-जनेह में रेत का अवैध उत्खनन बेखौफ हो रहा:  थानों के सामने से UP जा रहे बिना नंबर प्लेट के डंपर; पुलिस-खनिज विभाग पर मिलीभगत के आरोप – Rewa News


रात से लेकर भोर तक बिना नंबर प्लेट वाले डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बड़ी मात्रा में रेत लेकर सड़कों पर दौड़ती हैं।

रीवा जिले के सोहागी, चाकघाट और जनेह थाना क्षेत्रों में रेत माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गया है। टमस, सेलर, महाना और चिंताली नदियों से रात से भोर तक बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। बिना नंबर प्लेट वाले डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस रेत को मध

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बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों से हो रहा परिवहन रात से लेकर भोर तक बिना नंबर प्लेट वाले डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बड़ी मात्रा में रेत लेकर सड़कों पर दौड़ती हैं। ये वाहन मध्यप्रदेश से निकलकर सीधे उत्तरप्रदेश के प्रयागराज तक निर्बाध तरीके से पहुंच जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिना नंबर प्लेट वाहन चलते हैं जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो जाती है और रेत माफिया इसके सहारे अपना नेटवर्क और मजबूत करता जा रहा है।

ये वाहन मध्यप्रदेश से निकलकर सीधे उत्तरप्रदेश के प्रयागराज तक निर्बाध तरीके से पहुंच जा रहे हैं।

टमस, महाना समेत 4 नदियों से हो रहा उत्खनन यह अवैध रेत उत्खनन रीवा की टमस, सेलर, महाना और चिंताली नदियों से बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। रेत के इस अवैध उत्खनन से न सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों का तेज़ी से दोहन हो रहा है, बल्कि प्रदेश को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान भी हो रहा है। ओवरलोड वाहन सड़कों पर खतरा बढ़ा रहे हैं और हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप- थाने और RTO तक पहुंचता है कमीशन स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस, खनिज विभाग और रीवा आरटीओ की लापरवाही तथा संदिग्ध चुप्पी पर गहरे सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासी अजय मिश्रा का आरोप है कि “रेत कारोबारियों द्वारा आरटीओ और थाना प्रभारियों तक कमीशन पहुंचाया जा रहा है। इसलिए कार्रवाई नहीं होती और अधिकारी मौन बने रहते हैं।”

‘लोग डर के कारण सामने नहीं आ पाते’ वहीं, एक अन्य निवासी दिलीप मिश्रा कहते हैं कि “प्राकृतिक सम्पदा का इस तरह से खत्म होना आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा है, लेकिन लोग डर के कारण सामने नहीं आ पाते।” क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द सख्त कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र में रेत का यह अवैध कारोबार और ज्यादा संगठित और खतरनाक रूप ले लेगा।

अधिकारियों ने साधी चुप्पी, कार्रवाई कब होगी? हालांकि इस मामले में खनिज विभाग और पुलिस अधिकारियों ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और चुप्पी साधे हुए हैं। फिलहाल लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है- जब बिना नंबर प्लेट वाले रेत से भरे वाहन थानों के सामने से गुजर रहे हैं, तो फिर कार्रवाई आखिर कब होगी?



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