प्रदर्शन करते हुए पटवारी संघ के पदाधिकारी।
भिंड जिले के अनुविभाग लहार के पटवारियों ने शनिवार को सामूहिक रूप से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर हाल ही में पटवारियों पर की गई विभागीय कार्रवाइयों के विरोध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने कहा कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्य में लगातार दबाव के बावज
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एसआईआर कार्य हो या बीएलओ मॉनिटरिंग व फीडिंग सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जा रहे हैं। विधानसभा लहार क्षेत्र में लगभग 32 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो चुका है, इसके बावजूद बिना सुनवाई किए गए निलंबन, वेतन राजसात और वित्तीय रोक जैसे आदेश उन्हें दमनात्मक महसूस हो रहे हैं।
पटवारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, उनके आदेश पहले सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया में प्रसारित कर दिए गए, जबकि उन्हें इसका आधिकारिक पत्र बाद में मिला। इससे न केवल संबंधित कर्मचारियों बल्कि पूरे संवर्ग में गहरी मानसिक पीड़ा और असंतोष हैं।
पटवारियों ने कहा कि यह तरीका कर्मचारियों का मनोबल गिराने वाला है, जबकि निर्वाचन कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए उनसे अधिक जिम्मेदारी किसी अन्य विभाग पर नहीं होती।
एसडीएम कार्यालय पर पटवारियों का प्रदर्शन।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को तत्काल निरस्त कर संबंधित पटवारियों को सवेतन बहाल किया जाए। दूसरी, अन्य संभागों की तर्ज पर अनुविभाग के सभी पटवारियों को बीएलओ सुपरवाइजर नियुक्त किया जाए, ताकि उन्हें वित्तीय लाभ मिल सके।
तीसरी, तहसील मिहोना में पांच महीने से लंबित वार्षिक वेतन वृद्धि (इनक्रीमेंट) तत्काल जारी की जाए।
चौथी, लहार, मिहोना और रौन तहसीलों के वर्षों से लंबित डीए और समयमान एरियर का भुगतान सात दिनों की समयसीमा के भीतर किया जाए। पटवारियों ने कहा कि कलेक्टर द्वारा आदेश जारी होने के बाद भी विभागीय कार्रवाई अब तक शुरू नहीं की गई है, जिससे कर्मचारी लगातार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।
संघ की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे के भीतर इन मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया तो पटवारी चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे। संघ अध्यक्ष विय तोमर ने कहा कि दबाव में रहकर भी निर्वाचन कार्य पूरी निष्ठा से करने वाले कर्मचारियों के साथ बिना सुनवाई हुई कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।