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ट्रांसफर कर फर्जी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराने और होल्ड मनी फ्रॉड की धनराशि को फ्रीज करवाने के लिए साइबर फ्रॉड के मामलों में उपयोग होने वाले पोर्टल के विषय में 50 पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जिले के सभी 19 थानों के कर्मचारी शामिल थे। वे अब अपने-अपने थानों में जाकर एनसीआरपी पोर्टल (नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग) की मदद से इस तरह के मामलों को निपटाएंगे।
शनिवार को जिले के सभी 19 थानों में पदस्थ पुलिस कर्मचारियों के लिए एक प्रशिक्षण सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें 50 पुलिस कर्मचारी शामिल हुए। इसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि अब हर थाने में यदि लोग साइबर फ्रॉड सहित अन्य इस तरह की शिकायतें लेकर जाते हैं, तो उन्हें तुरंत मदद मिल सके। इसके लिए हर थाने में इस पोर्टल को चलाने के िलए विशेषज्ञ बनाए जा रहे हैं। वहीं
साइबर से जुड़े मामलों में काफी बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 10 महीनों में इनकी संख्या 800 है। खास बात यह है कि हर महीने मनी फ्रॉड के कई मामले सामने आते हैं।
तीन पोर्टल और हेल्पलाइन को लेकर दिया प्रशिक्षण: सेमिनार में तीन प्रमुख पोर्टल को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इनमें साइबर पुलिस पोर्टल, सीईआईआर पोर्टल, समन्वय पोर्टल शामिल हैं। इसी तरह ऑनलाइन 1930 हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि यदि किसी के साथ फ्रॉड होता है तो होल्ड राशि को वापस कराने की प्रक्रिया कैसे करनी है। ये पुलिस कर्मचारी अब हर रोज थानों में जाकर इन पोर्टल को लॉगिन करेंगे।