मध्यप्रदेश के नीमच जिला चिकित्सालय में शनिवार रात एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला ने तीन दिन पहले ही बच्चे को जन्म दिया था। मौत की खबर सुनते ही आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और आईसीयू वार्ड क
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मृतका की पहचान राजस्थान के अचारी निवासी टीना पति पहलाद मीणा के रूप में हुई है। उन्हें तीन दिन पूर्व डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह उनकी दूसरी डिलीवरी थी और उनका एक 2 साल का बेटा भी है।
डिलीवरी के तीन दिन बाद इलाज के दौरान मौत
डिलीवरी के तीन दिन बाद शनिवार शाम अचानक टीना की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद 6-7 चिकित्सकों की टीम ने 4-5 घंटे तक महिला को बचाने का प्रयास किया। रात 9 बजे उन्हें डिलीवरी वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां एक घंटे बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर सुनकर उनके पति पहलाद मीणा की भी तबीयत बिगड़ गई और वे बेसुध हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतका की मौसी और मां ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लड की बोतल चढ़ाने के बाद हुए रिएक्शन के चलते टीना की तबीयत बिगड़ी। उनका आरोप है कि तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर को बुलाने में काफी देर लगी और आनन-फानन में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।
देखिए तस्वीरें…
महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

आक्रोशित परिजनों ने हंगामा करते हुए आईसीयू के बाहर गेट में तोड़फोड़ की।

मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों से झूमाझपटी की।
परिजनों ने आईसीयू के बाहर गेट में तोड़फोड़ की
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन से पहले डॉक्टर को इलाज के लिए नकद राशि दी गई थी। हंगामे के दौरान आक्रोशित परिजनों ने बच्चों के डॉक्टर योगेंद्र धाकड़ को घेर लिया और उनके साथ झूमाझपटी की। हंगामा बढ़ता देख सबसे पहले एक पुलिसकर्मी आईसीयू वार्ड के पास पहुंचा, लेकिन परिजन नहीं माने। उन्होंने हंगामा करते हुए आईसीयू के बाहर गेट में तोड़फोड़ की और अन्य स्टाफ के साथ भी झूमाझपटी की।
हंगामा बढ़ने की सूचना मिलते ही कैंट पुलिस के अन्य जवान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक परिजनों को समझाइश दी। इसके बाद देर रात करीब 12 बजे मृतका टीना के शव को आईसीयू से पोस्टमॉर्टम रूम में रखवाया गया।