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Jabalpur News: जबलपुर के मानस भवन में सम्राट अशोक धम्म विजय कार्यक्रम के दौरान बुक स्टॉल पर विवाद से हंगामा, मारपीट हुई. हिंदू संगठनों ने ‘हिंदू विरोधी किताबों’ का विरोध कर सड़क पर उतरे, 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया. जानें पूरा मामला…
रिपोर्ट: पवन पटेल
Jabalpur News: जबलपुर के मानस भवन में कुशवाहा जन जागृति एवं विकास समिति द्वारा आयोजित ‘प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान धम्म विजय दिवस’ कार्यक्रम के दौरान बड़ा हंगामा हो गया. आरोप है कि बाहर से आए कुछ लोगों ने हॉल के बाहर लगे बुक स्टॉल पर विवाद किया, जिससे मारपीट हो गई. घटना इतनी उग्र हो गई कि आयोजकों ने ही हंगामा करने वालों को पकड़कर पीट दिया. वहीं, हिंदू संगठन इसे ‘हिंदू विरोधी किताबों के विक्रय’ का मामला बताते हुए सड़कों पर उतर आए. प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
कार्यक्रम में सम्राट अशोक की धम्म विजय पर जनचेतना फैलाने का उद्देश्य था. लेकिन, हॉल के बाहर लगे स्टॉल पर सनातन विरोधी किताबें और देवी-देवताओं पर अमर्यादित लेख वाली पुस्तकें मिल रही थीं. आरोप है कि किताब खरीदने के बाद बाहर से आए युवकों ने स्टॉल पर बैठे एक युवक को थप्पड़ मार दिया. पीड़ित युवक भागकर मंच पर पहुंचा, तो हमलावर उसके पीछे-पीछे चढ़ गए. आयोजकों ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया और जमकर पिटाई की.
कांग्रेस विधायक भी मौजूद
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया की पुलिस के साथ बहस हो गई. विधायक का आरोप है कि यहां ST-SC, OBC महासम्मेलन चल रहा था. तभी बाहर से कुछ लोग आए और संविधान की पुस्तक फाड़ दी. पूरे कार्यक्रम को चौपट कर दिया. पुलिस ने हंगामा और मारपीट करने वाले दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है. आरोपी खुद को हिंदूवादी संगठन का पदाधिकारी बता रहे थे.
जबलपुर बंद की चेतावनी
वहीं दूसरी ओर घटना की खबर फैलते ही विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए. उन्होंने स्टॉल पर रखी किताबों को ‘हिंदू विरोधी’ बताते हुए विरोध जताया. आयोजकों पर सनातन धर्म को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया. हिंदू संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और पुलिस को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि मारपीट करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, वरना जबलपुर बंद करने की चेतावनी दी गई.
आयोजकों का पक्ष है कि स्टॉल पर संविधान की किताबें और ऐतिहासिक ग्रंथ रखे थे, जो धम्म विजय के संदर्भ में थे. कुशवाहा समाज के प्रतिनिधि ने बताया, “कार्यक्रम शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ बाहरी तत्वों ने हंगामा किया. हम धार्मिक सद्भाव बनाए रखना चाहते हैं.” विधायक घनघोरिया ने कहा, “पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. राजनीतिक रंग न दिया जाए.” पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर ली है, लेकिन तनाव बरकरार है.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें