दुनिया का महान ऑलराउंडर, 7313 रन और 528 विकेट से हिलाई रिकॉर्ड बुक, लेकिन वनडे में कभी नहीं जड़ पाया शतक

दुनिया का महान ऑलराउंडर, 7313 रन और 528 विकेट से हिलाई रिकॉर्ड बुक, लेकिन वनडे में कभी नहीं जड़ पाया शतक


दुनिया का एक महान ऑलराउंडर ऐसा है, जिसने इंटरनेशनल क्रिकेट में 7313 रन बनाए और 528 विकेट भी झटके, लेकिन वह ODI क्रिकेट में कभी भी एक भी शतक नहीं जड़ पाया है. 24 नवंबर 1955 में जन्में इयान बॉथम ने इंग्लैंड को एक ऐसी ऑलराउंडर विरासत दी है, जो आज भी बेन स्टोक्स के रूप में इंग्लिश क्रिकेट में जारी है. इयान बॉथम दाएं हाथ के बल्लेबाज, तेज गेंदबाज और स्लिप में एक चुस्त फील्डर थे. वह दौर दिलेर ऑलराउंडर खिलाड़ियों के नाम था.

वनडे में कभी शतक नहीं जड़ पाया ये महान ऑलराउंडर

इंग्लिश क्रिकेटर इयान बॉथम का नाम दुनिया के महान ऑलराउंडर्स में लिया जाता है. इयान बॉथम ने 116 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 23.22 की औसत से 2113 रन बनाए हैं. इयान बॉथम का वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बेस्ट स्कोर 79 रन रहा है. इयान बॉथम ने अपने पूरे वनडे करियर में एक भी शतक नहीं लगाया है. इयान बॉथम ने अपने वनडे करियर में कुल 145 विकेट भी झटके हैं.

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टेस्ट करियर में 14 शतक ठोके

इयान बॉथम ने 102 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 33.54 की औसत से 5200 रन बनाए हैं. इयान बॉथम का टेस्ट क्रिकेट में बेस्ट स्कोर 208 रन रहा है. इयान बॉथम ने अपने टेस्ट करियर में 14 शतक और 22 अर्धशतक ठोके हैं. इयान बॉथम ने अपने टेस्ट करियर में कुल 383 विकेट भी झटके हैं. जब इयान बॉथम का इंटरनेशनल क्रिकेट में आगमन हुआ, तब न पिच से राहत मिलती थी, न गेंदबाजों की रफ्तार से और बल्लेबाज के सिर पर हेलमेट भी देखने को नहीं मिलते थे. उस दौर में इयान बॉथम के टैलेंट ने इंग्लिश क्रिकेट को एक पहचान दी.

रंगीन और दिलेर क्रिकेटर

इयान बॉथम का रंगीन और दिलेर व्यक्तित्व, क्रिकेट के हर फन में माहिर होना और खेलने का अनथक जुनून, ये सब खेल की परिधि को मानों पुनर्निधारित कर रहे थे. इयान बॉथम दुनिया के सबसे तेजी से 100 विकेट और 1000 रनों का डबल पूरा करने वाले खिलाड़ी थे. यहां तक कि उनके 383 टेस्ट विकेटों का रिकॉर्ड भी लंबे समय तक नहीं टूट पाया. बॉथम ने बल्ले से भी 102 टेस्ट मैचों में 5,200 रन बनाए थे. तब उनका स्ट्राइक रेट करीब 61 का था, जो काफी तेज था.

एशेज का नाम बॉथम एशेज

इयान बॉथम की छाप इंग्लैंड क्रिकेट पर कुछ इस तरह से रही कि 1981 में क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी में से एक एशेज का नाम बॉथम एशेज कहा जाता है. क्रिकेट में ऐसे उदाहरण विरले हैं. उस सीरीज में बॉथम से ज्यादा रन केवल एलन बॉर्डर ने बनाए थे, लेकिन बॉर्डर का स्ट्राइक रेट जहां 37 का था, वहीं बॉथम ने 93 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग की थी. ऐसे ही गेंदबाजी में भी उन्होंने 34 विकेट लिए थे और उनका औसत उन गेंदबाजों में सबसे बेहतर था, जिन्होंने सीरीज में 25 से ज्यादा विकेट लिए थे. ये किसी भी सीरीज में किसी भी ऑलराउंडर का किया गया चरम प्रदर्शन था. इस सीरीज को इंग्लैंड ने 3-1 से जीता था.

बेन स्टोक्स और एंड्रयू फ्लिंटॉफ में भी वही बात

अगर इंग्लिश क्रिकेट के बड़े हरफनमौला खिलाड़ियों पर नजर डालें तो सबका एक अंदाज रहा और हर स्टाइल का बेंचमार्क इयान बॉथम के रूप में स्थापित रहा. एंड्रयू फ्लिंटॉफ जब अपने करियर में पीक पर थे, तब-तब उनकी तुलना बॉथम से होती रही. बेन स्टोक्स में भी वही बात है. इन तीनों ही खिलाड़ियों की इमेज लार्जर दैन लाइफ और बहुत खास खिलाड़ियों की रही है. तीनों ही खिलाड़ियों में बहुत समानता भी थी. इन सभी के करियर का अंतिम पड़ाव चोटों से प्रभावित रहा.

2007 में नाइटहुड की उपाधि दी गई

बॉथम ने जब डेनिस लिली के रिकॉर्ड को तोड़ा, तब तक वे फिटनेस से जूझते हुए अपने करियर की संध्या पर पहुंच चुके थे. आखिरकार उन्होंने एक प्रोलिफिक ऑलराउंडर के तौर पर करियर का समापन किया. वे एक पूर्ण एथलीट थे. उन्हें फुटबॉल में भी बड़ा मजा आता था और दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल में भी उनकी प्रतिभा कमतर नहीं थी. बॉथम चैरिटी में भी सक्रिय रहे. वे सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि इंग्लैंड की एक प्रमुख स्पोर्ट्स फिगर रहे हैं. 2007 में उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी गई और वे इयान बॉथम से सर इयान बॉथम बन गए. क्रिकेट के मैदान में नाम कमाने के बाद उन्होंने बतौर कमेंटेटर भी छाप छोड़ी.



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