34 साल पहले लॉन्च हुई थी इंडिया की पहली एसयूवी, कीमत पर यकीन करना मुश्किल, अब नए अवतार में करेगी कमबैक!

34 साल पहले लॉन्च हुई थी इंडिया की पहली एसयूवी, कीमत पर यकीन करना मुश्किल, अब नए अवतार में करेगी कमबैक!


नई दिल्ली. मौजूदा भारतीय बाजार में एसयूवी कारों के लिए तमाम ऑप्शन हैं. आप अपने बजट और पसंद के हिसाब से अपनी कार चुन सकते हैं. एक दौर था जब भारत के बाजार में सेडान और हैचबैक कारों का बोलबाला हुआ करता था. अब मार्केट में एसयूवी मॉडल्स की धाक है. पर क्या आपको पता है कि इंडिया की पहली एसयूवी कौन सी थी? कब लॉन्च हुई थी? और इसकी कीमत कितनी थी? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं.

टाटा सिएरा: इंडिया की पहली एसयूवी
टाटा मोटर्स की सिएरा कार इंडिया की पहली एसयूवी थी जिसे 1991 में लॉन्च किया गया था. यानी आज से 34 साल पहले. लॉन्च के वक्त ये कार अपने आपमें बिल्कुल अलग कार थी. ऐसा कोई दूसरा मॉडल भारत में मौजूद नहीं था. एसयूवी का पूरा कॉन्सेप्ट ही भारत में नया था.

कितनी थी पहली एसयूवी की कीमत
1991 में लॉन्च के वक्त इस एसयूवी की कीमत 5 लाख रुपये थी. आज के दौर में ये कीमत आपको काफी कम लग सकती है पर ऐसा था नहीं. 1991 में ये एक बड़ी रकम थी और इस कीमत के साथ ये कार उस दौर की सबसे महंगी कारों में शुमार की जाती थी.

25 नवंबर को वापसी
सबसे खास बात ये है कि टाटा सिएरा को कंपनी एक बार फिर नए अवतार में भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही है. 25 नवंबर को ये कार भारत में टाटा मोटर की ओर से ऑफिशियली पेश की जाएगी.

सिएरा क्यों थी खास?  

स्वदेशी इंजीनियरिंग 

यह पहली ऐसी भारतीय कार थी जिसे पूरी तरह से निजी इस्तेमाल के लिए भारतीय बाज़ार को ध्यान में रखकर डिज़ाइन और इंजीनियर किया गया था. इससे पहले, बाजार में मौजूद जीपें या तो विदेशी डिज़ाइन थीं या मुख्य रूप से यूटिलिटी के लिए बनी थीं.

वक्त से आगे के फीचर्स

सिएरा अपने समय से बहुत आगे थी. यह भारत की पहली गाड़ी थी जिसमें पावर विंडो और एडजस्टेबल स्टीयरिंग व्हील जैसे फीचर्स दिए गए थे. इसमें फैक्ट्री-फिटेड एयर कंडीशनिंग (AC) भी उपलब्ध थी.

पावरफुल और ऑफरोड कपैबिलिटी

यह एक 3-डोर SUV थी, जिसमें पीछे की तरफ बड़ी ग्लास विंडो (जिसे अल्पाइन विंडो कहा जाता था) इसकी एक अनूठी पहचान थी. यह बॉडी-ऑन-फ्रेम कंस्ट्रक्शन पर बनी थी, जो इसे बहुत मजबूत और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के लिए उपयुक्त बनाता था. इसमें 4×4 (फोर-व्हील ड्राइव) वैरिएंट का विकल्प भी उपलब्ध था, जो इसे एक बेहतरीन ऑफ-रोडिंग SUV बनाता था.

इंजन:

शुरुआत में इसमें 2.0-लीटर डीजल इंजन आता था. बाद में, कंपनी ने 1997 में टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन (2.0-लीटर, 87 bhp) भी पेश किया, जिससे इसकी परफॉर्मेंस और बढ़ गई. जब सिएरा 1991 में लॉन्च हुई, तो इसकी कीमत ₹5 लाख के आस-पास या उससे अधिक थी. उस समय मारुति 800 जैसी लोकप्रिय कारें ₹1 लाख से ₹1.5 लाख में उपलब्ध थीं. इस तुलना में, सिएरा एक प्रीमियम और महंगी पेशकश थी. कीमत ज़्यादा होने और 3-डोर डिज़ाइन के कारण, इसकी बिक्री उतनी सफल नहीं हो पाई, जितनी उम्मीद थी, और 2003 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया गया.



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