बैंड-बाजों संग निकला रामजी का बाना, आदिवासी-बसोड़ ने निभाई त्रेतायुग की परंपरा

बैंड-बाजों संग निकला रामजी का बाना, आदिवासी-बसोड़ ने निभाई त्रेतायुग की परंपरा


Last Updated:

Khargone News: दोपहर में पाटीदार समाज के एडु पाटीदार परिवार द्वारा मांमेरा की रस्म निभाई गई. मंदिर पहुंचने पर परिवार का तिलक लगाकर स्वागत हुआ. इस दौरान मौजूद सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीत गाए और खूब नृत्य किया.

खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में चल रहे पांच दिवसीय श्री राम जानकी विवाह महोत्सव का चौथा दिन उत्साह और आस्था से भरा रहा. सोमवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में मंडपम, यज्ञ और मांमेरा जैसी पारंपरिक रस्में संपन्न हुईं. शाम होते ही बैंड-बाजों के साथ भगवान श्रीराम के विग्रह का भव्य बाना निकाला गया, जिसे देखने और शामिल होने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. मिथिला, ओरछा और अयोध्या के बाद मंडलेश्वर अब चौथा प्रमुख स्थल बन गया है, जहां पिछले पांच वर्षों से विस्तृत रूप से श्री राम-जानकी विवाह महोत्सव का आयोजन हो रहा है. श्री सीताराम शिव संकल्प संस्थानम् एवं वैदेही सेवा प्रकल्प की अर्चना पाटीदार ने लोकल 18 को बताया कि सोमवार सुबह आदिवासी समाज द्वारा जंगल से लाए आम्र-पत्र और बसोड़ समाज द्वारा लाए गए बांस से विवाह मंडप तैयार किया गया. इसके बाद विद्वान पंडितों द्वारा महायज्ञ की शुरुआत हुई, जिसमें यजमानों ने राम जानकी के अभिभावक बनकर आहुति अर्पित की.

दोपहर में पाटीदार समाज के एडु पाटीदार परिवार द्वारा मांमेरा की रस्म निभाई गई. मंदिर पहुंचने पर परिवार का तिलक लगाकर स्वागत किया गया. इस दौरान उपस्थित सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीत गाए और उनपर जमकर नृत्य भी किया. महोत्सव का वातावरण हर तरफ उत्साह और उमंग से भरा रहा.

दीपक तोमर के यहां जनवासा
शाम पांच बजे के बाद मंदिर परिसर से भगवान श्रीराम के विग्रह को सुसज्जित पालकी में विराजित किया गया. ढोल-नगाड़ों पर भजनों के साथ नगर में भव्य बाना निकला. रास्ते भर महिलाओं और पुरुषों ने भजनों पर थिरकते हुए भगवान का स्वागत किया. विभिन्न मार्गों से होते हुए तीन घंटे बाद देर रात यह बाना जेल रोड स्थित दीपक तोमर के निवास पहुंचा, जहां भगवान का जनवासा रखा गया. इससे पहले राजपूत धर्मशाला में श्रद्धालुओं को अल्पाहार कराया गया. वहीं रातभर जूना श्रीराम मंदिर में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने गीत गाकर खूब उत्सव मनाया.

अभिजीत मुहूर्त में होगा लग्न
मंगलवार सुबह 9 बजे राजपूत धर्मशाला से राजपूत समाज द्वारा भगवान की बारात निकाली जाएगी. भगवान श्रीराम इस दौरान करीब 10 हजार रुपये की राजपूती पोशाक और डायमंड जड़ा मुकुट पहनकर शाही अंदाज में जानकी को बिहाने के लिए राम मंदिर पहुंचेंगे. बारातियों के लिए भी राजपूती पारंपरिक पोशाक अनिवार्य रहेगी. करीब 11:40 बजे अभिजीत मुहूर्त में श्रीराम और माता सीता का पावन लग्न संपन्न होगा.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

बैंड-बाजों संग निकला रामजी का बाना, आदिवासी-बसोड़ ने निभाई त्रेतायुग की परंपरा



Source link