उज्जैन के प्राचीन श्री राम जनार्दन मंदिर में मंगलवार को प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह की वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर अभा ब्राह्मण युवा परिषद् द्वारा आयोजित उत्सव में सुबह भगवान का अभिषेक और श्रृंगार किया गया।
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शहर के भैरवगढ़ मार्ग खाक चौक स्थित इस प्राचीन मंदिर में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान श्रीराम और जानकी का विवाह उत्सव हुआ। भगवान का अभिषेक कर नई पोशाक पहनाई गई और विशेष सजावट की गई। संध्या के समय गौधुली वेला में पंडितों द्वारा मंगलाष्टक का पाठ किया गया और विवाह के मंगल गीत गाए गए।
आरती के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में अभिषेक शर्मा (महामंत्री, ब्राह्मण परिषद्), यशोदा शर्मा, नितिन शर्मा, उत्कर्ष शर्मा, ऊषा पवार, आशा सेंगर, गुरप्रीत, भागीरथ शर्मा और सोम शास्त्री उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि खाक चौक पर स्थित प्राचीन विष्णु सागर के तट पर बना श्रीराम जनार्दन मंदिर लगभग एक हजार साल पुराना है। परमार राजा भोज ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। कालांतर में मंदिर भग्न होने पर 17वीं शताब्दी में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई ने इसका पुनर्निर्माण कराया। इसी समय गर्भगृह की दीवारों पर मालव मराठा शैली की चित्रावली बनाई गई थी, जो आज भी सुरक्षित है।