1 दिसंबर में खाद की लाइन में लगने का झंझट खत्म, किसान घर बैठे करेंगे बुकिंग, जानें तरीका

1 दिसंबर में खाद की लाइन में लगने का झंझट खत्म, किसान घर बैठे करेंगे बुकिंग, जानें तरीका


दमोह. रबी सीजन शुरू होते ही सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को डीएपी और यूरिया खाद के लिए लाइन में लगने को लेकर हुई. किसान कई जगहों पर खाद वितरण की सूचना मिलते ही आधी रात से लाइन में लग जाते थे. खाद वितरण केंद्रों पर किसान अपनी पत्नी-बच्चों के साथ भूखे-प्यासे धूप में खड़े लाइन में नजर आते हैं. इतना ही नहीं, पहले किसानों को टोकन लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है, फिर खाद के लिए मशक्कत होती है. इस तरह से किसान हफ्तों तक खाद के लिए परेशान होते रहते हैं लेकिन किसानों की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन एक नई व्यवस्था लेकर आया है. इससे किसानों की लाइन में लगने की परेशानी लगभग खत्म हो जाएगी. अब उन्हें खाद वितरण केंद्र पर भी टोकन लेने के लिए नहीं जाना पड़ेगा.

बुंदेलखंड के दमोह जिले में प्रायोगिक तौर पर एक दिसंबर से MP E-service पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है, जिसमें कोई भी किसान ऑनलाइन अपने मोबाइल से यूरिया डीएपी खाद का ई-टोकन खुद ही प्राप्त कर लेगा. टोकन में खाद मिलने वाली डेट, खाद केंद्र और कितनी खाद मिलेगी, सब कुछ किसान को घर बैठे पता चल जाएगा.

पोर्टल से आसानी से कर सकेंगे बुकिंग
दमोह के कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि इस पोर्टल का बहुत आसान तरीके से उपयोग किया जा सकता है. कोई भी किसान अपना मोबाइल नंबर और जो बही खाता है, उसको पोर्टल में डालेगा, तो वह अपनी बुकिंग आसानी से कर सकता है. इस पोर्टल में किसान भाई रियल टाइम यह देख सकेंगे कि सोसाइटी में, डबल लॉक वितरण केंद्र पर और एमपी एग्रो के पास कितनी खाद उपलब्ध है. जिस दिन वह खाद लेना चाहते हैं, उस दिन कौन से वितरण केंद्र पर कौन-कौन सी खाद है, कितनी खाद है और उसमें कितने किसानों ने टोकन प्राप्त कर लिए हैं, कितने शेष रह गए हैं, जिससे उस केंद्र के लिए वह बुकिंग कर सकता है या नहीं कर सकता. जिस तारीख में खाद लेना चाहते हैं, उस दिन की क्या स्थिति है. ये सब किसान घर बैठे ही कर सकेंगे.

किसानों के लिए ध्यान रखने वाली बात
ध्यान रखने योग्य बात यह है कि केंद्र पर वही मोबाइल फोन लेकर जाना है, जिस पर यह मैसेज आया है. अगर इस एसएमएस को फॉरवर्ड करके कोई दूसरा मोबाइल ले जाएंगे, तो यह मान्य नहीं होगा. किसानों को इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा. एक मोबाइल नंबर से और एक बही पर एक बार टोकन दे दिया, तो फिर अगले तीन दिन तक टोकन नहीं मिल पाएगा. कुल मिलाकर यह सुविधा उन किसानों के लिए है, जो सहकारी समिति के सदस्य नहीं हैं. जो लोग सहकारी समिति के सदस्य हैं, वे समिति से खाद लेते रहेंगे. बाकी लोग जो डिफाल्टर हैं, समिति के सदस्य नहीं हैं, वे किसान इस डबल लॉक की व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं. अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो फिर इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है, जिससे किसानों का समय बचेगा और वे परेशान होने से भी बचेंगे.



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