जबलपुर जिले के टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए राशि उपलब्ध कराने में राज्य में 28वां स्थान मिला है। इस सूची में ग्वालियर पहले, शिवपुरी दूसरे और अनूपपुर तीसरे स्थान पर है। भोपाल और इंदौर के बाद 28वें नंबर पर जबलपुर है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि 8 दिसंबर 2024 को टीबी जागरूकता अभियान चलाया गया था, जिसका लक्ष्य 6,500 मरीजों की पहचान करना था। वर्ष 2024-25 में 46,517 नेट टेस्ट और 66,000 स्क्रीन टेस्ट किए गए।
इन प्रयासों के तहत जबलपुर जिले से कुल 6,762 टीबी मरीजों की पहचान की गई। इनमें से 5,586 मरीज जबलपुर जिले के हैं, जबकि 1,200 मरीज अन्य जिलों से संबंधित हैं।
राज्य टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत, टीबी रोग के 6 महीने के इलाज के दौरान मरीज के बैंक खाते में कुल 6,000 रुपए की राशि हस्तांतरित की जाती है। यह राशि दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त मरीज की पहचान के बाद इलाज शुरू होने पर और दूसरी किस्त इलाज के 84 दिन पूरे होने पर। इस योजना का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण की कमी से बचाना है।
पोषण योजना के तहत 5586 मरीजों में से अब तक 56% को ही राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे कुल 3,128 मरीजों को लाभ मिला है। हालांकि, 1,800 मरीज ऐसे भी हैं जो निजी अस्पतालों से आए हैं और सीधे लाभार्थी हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से राशि लेने से इनकार करते हैं।
जांच से लेकर दवा तक सब मुफ्त
टीवी के मरीजों को जिला शाही केंद्र स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पतालों में बने डॉट्स केंद्र व टीवी अस्पतालों से दवाएं खरीदी जाती है इसी के साथ बलगम ब्लड की जांच व स-र भी फ्री किए जाते हैं।