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Sidhi News: पशुओं को 60 प्रतिशत हरा चारा और 40 प्रतिशत सूखा चारा देना सबसे सही तरीका है. दूध निकालते वक्त आखिरी हिस्सा जरूर निकालें क्योंकि सबसे ज्यादा फैट उसी हिस्से में होता है.
सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन में भी कर रहे हैं. कई किसान अच्छी नस्ल की गाय-भैंसें पालकर दूध उत्पादन बढ़ा रहे हैं लेकिन मौसम बदलने या सामान्य बीमारियों के कारण कई बार दुधारू जानवर दूध कम देने लगता है. ऐसे में किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है. दूध की कीमत सीधे उसमें मौजूद वसा यानी फैट पर निर्भर करती है. फैट ज्यादा तो लाभ ज्यादा और फैट कम तो आमदनी भी घट जाती है.
देसी तरीका गुड़ और अजवाइन का मिश्रण
डॉ अरुण के मुताबिक, गलत तरीके अपनाने की बजाय अगर किसान पशुओं को सही चारभूसा दें, तो दूध की क्वालिटी और मात्रा दोनों बढ़ सकती है. उनके अनुसार, दूध और घी बढ़ाने का एक आसान देसी तरीका है गुड़ और अजवाइन का मिश्रण. पशुओं को इसे उबालकर खिलाने से दूध में वसा बढ़ती है और दुधारू जानवरों को ठंड भी नहीं लगती. गुड़ में मौजूद ग्लूकोज, कैल्शियम और विटामिन बी पशु को ताकत देते हैं.
हरा और सूखा चारा देने का सही तरीका
उन्होंने बताया कि पशुओं को 60 फीसदी हरा चारा और 40 फीसदी सूखा चारा देना सबसे सही तरीका है. दूध निकालते समय आखिरी हिस्सा जरूर निकालें क्योंकि सबसे ज्यादा फैट उसी हिस्से में रहता है.
केमिकल आधारित उपायों से बचें
विशेषज्ञों की मानें, तो फैट बढ़ाने के लिए पाउडर, इंजेक्शन और केमिकल आधारित उपायों से बचना चाहिए क्योंकि इनसे दूध तो बढ़ता है लेकिन पशु की सेहत पर गंभीर असर पड़ता है. सही खानपान और देसी उपचार से ही दूध और घी दोनों बढ़ाया जा सकता है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.