एम्स भोपाल में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद गवर्निंग एवं इंस्टीट्यूट बॉडी ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई बैठक में डॉक्टरों द्वारा मरीजों को निजी या परिचितों के सेंटर पर भेजने, अमृत फार्मेसी से पांच गुना महंगी दवाएं खरीदने, ग्रुप
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पांच गुना महंगी दवाएं खरीदने पर बवाल
बैठक में दवा खरीदी का मुद्दा सबसे अधिक विवादास्पद रहा। केंद्रीय जांच समिति पहले से ही यह जांच कर रही है कि एम्स, अमृत फार्मेसी से बिना टेंडर के पिछले चार वर्षों से कैंसर की महंगी दवाएं खरीद रहा है। अन्य संस्थान जेमसिटेबिन दवा 300 से 400 रुपए में खरीदते हैं। एम्स भोपाल यही दवा 2100 रुपए में खरीद रहा था। पहले सिर्फ 10–15 लाख की आपात दवा खरीद होती थी। अब यह बढ़कर 25 से 60 करोड़ तक पहुंच गई।
फैकल्टी भर्ती में अनियमितताओं पर केंद्रीय मंत्रालय सख्त
एम्स भोपाल में ग्रुप-बी नॉन-फैकल्टी भर्ती में गड़बड़ी का मामला भी चर्चा में रहा। स्वास्थ्य मंत्रालय के पत्र (18 सितंबर 2025) के अनुसार, सीबीआई एसीबी ने 6 मई 2025 को PE0082025A0002 नंबर से FIR दर्ज की थी। जांच में भर्ती प्रक्रिया में कई प्रक्रियागत कमियां मिलीं। बैठक में निर्देश दिया गया कि संबंधित अधिकारियों पर समयबद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
बैठक में सांसद आलोक शर्मा समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
महिलाओं से अभद्रता पर डॉक्टर की बर्खास्तगी की मांग
बैठक में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी विभागाध्यक्ष डॉ. यूनुस खान पर भी गंभीर चर्चा हुई। एक सहकर्मी ने उन पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उनकी बर्खास्तगी की मांग भी की गई।
प्रोजेक्ट्स में देरी पर नाराजगी
एम्स के बड़े प्रोजेक्ट गामा नाइफ, PET-CT यूनिट, एपेक्स ट्रॉमा सेंटर और मल्टी लेवल पार्किंग सभी में 1 से 2 साल की देरी पर भी समिति ने कड़ी नाराजगी जताई।
मरीज-केंद्रित सुधारों पर मुहर
बैठक में यह भी तय हुआ कि एम्स अब मूलभूत सुधार तेजी से लागू करेगा। OPD और इमरजेंसी में वेटिंग टाइम कम किया जाएगा। दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। एक आधुनिक डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जाएगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय की व्यवस्था बनेगी।
बैठक में यह रहे शामिल
बैठक में शामिल प्रमुख सदस्य सांसद भरत सिंह कुशवाहा, आलोक शर्मा, विवेक तन्खा के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ. सुहास जोशी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर एवं PGIMS रोहतक के प्रोफेसर समेत विशेषज्ञों ने वर्तमान संकट पर चर्चा की।