निरीक्षण के दौरान इलाज करते पाए गए थे डॉ. एसके. राय।
बालाघाट के मोहगांव में संचालित डॉ. चांदसी दवाखाना एक बार फिर चर्चा में है। बिना वैध डिग्री, पंजीयन और अवैध एलोपैथिक दवाओं के उपयोग के गंभीर आरोपों के चलते इस क्लिनिक को पहले स्वास्थ्य, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सील किया था। शुक्रवार को
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दरअसल, 30 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहगांव बस स्टैंड स्थित चांदसी दवाखाना का दौरा किया था। वहां डॉ. संजय राय बिना किसी योग्यता के एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज करते पाए गए। टीम ने एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं और मलाजखंड थाना प्रभारी को डॉ. संजय राय के खिलाफ मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम के उल्लंघन में कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
निरीक्षण के दौरान मिली दवाएं।
मलाजखंड पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के आधार पर डॉ. संजय राय चांदसी के खिलाफ मध्य प्रदेश राज्य आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1956 व 1958 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसे जिले में किसी झोलाछाप डॉक्टर पर की गई पहली बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है।
तीन साल पहले लिखा था कार्रवाई के लिए पत्र
इस दवाखाने के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद, 16 नवंबर 2022 को बिरसा के बीएमओ डॉ. सुनील सिंह ने चांदसी दवाखाना का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया कि संचालक एसके राय उर्फ संजय राय के पास कोई वैध चिकित्सा डिग्री नहीं थी। उनके पास क्लिनिक संचालन की अनुमति, पंजीयन या लाइसेंस भी नहीं था।
जांच में यह भी पुष्टि हुई थी कि क्लिनिक में एलोपैथिक दवाइयों और इंजेक्शनों का अवैध उपयोग कर मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इसके बाद, 18 नवंबर 2022 को सीएमएचओ ने कार्रवाई की सिफारिश की और 22 नवंबर को एक संयुक्त टीम ने क्लिनिक को सील कर दवाएं जब्त की थीं। इसके बाद शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की गई है।
निरीक्षण के दौरान की तस्वीरें…





