कटनी में 54 लाख का हॉकर्स जोन बना कचरा घर: निगम की लापरवाही से सड़कों पर सब्जी मंडी; साफ-सफाई की कमी से दुकान लगना मुश्किल – Katni News

कटनी में 54 लाख का हॉकर्स जोन बना कचरा घर:  निगम की लापरवाही से सड़कों पर सब्जी मंडी; साफ-सफाई की कमी से दुकान लगना मुश्किल – Katni News


कटनी में जिला खनिज प्रतिष्ठान योजना (DMF) के तहत आवंटित 54 लाख रुपए की राशि का दुरुपयोग हुआ है। नगर निगम की अदूरदर्शी योजना के कारण यह धनराशि बेकार चली गई। जिला अस्पताल के पास बनाया गया हॉकर्स जोन अब उपयोगी होने की बजाय कचरा घर में बदल गया है, जिससे

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शहर की सड़कों पर अवैध रूप से लगने वाली सब्जी और फल की दुकानों को व्यवस्थित कर यातायात सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने यह हॉकर्स जोन बनाया था। जिला खनिज प्रतिष्ठान योजना के तहत जिला अस्पताल के पास इस विशाल हॉकर्स जोन के निर्माण पर 54 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इसका लक्ष्य व्यस्ततम क्षेत्रों और सड़कों से दुकानों को हटाकर उन्हें एक व्यवस्थित स्थान देना था।

सड़कों पर सब्जी मंडी, हॉकर्स जोन अनुपयोगी

हालांकि, निर्माण के बावजूद यह हॉकर्स जोन पूरी तरह से खाली पड़ा है। नगर निगम की उदासीनता के कारण 54 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी यहां चार दुकानें भी स्थापित नहीं हो पाई हैं। परिणामस्वरूप, सड़कों पर अब भी सब्जी मंडी लगती है, और हॉकर्स जोन अनुपयोगी पड़ा है।

स्थानीय दुकानदार और होटलों के मालिक इस खाली पड़े स्थान को अब कचरा फेंकने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। हॉकर्स जोन अब एक ‘डंपिंग यार्ड’ जैसा दिख रहा है, जहां हर दिन आसपास का कचरा जमा होता जा रहा है।

सड़कों पर कब्जा, निगम हुआ बेबस

​हॉकर्स जोन बनने के बाद भी नगर निगम उन सब्जी विक्रेताओं को यहां स्थानांतरित करने में पूरी तरह से विफल रहा, जिनके लिए यह बनाया गया था। इसके परिणामस्वरूप, शहर की अधिकांश प्रमुख सड़कें आज भी अघोषित सब्जी मंडी बनी हुई हैं।

सड़कों पर पसरी दुकानों के कारण जहां एक ओर दिनभर यातायात जाम की समस्या बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। निगम के अधिकारी न तो अवैध कब्जों को हटा पा रहे हैं और न ही 54 लाख के व्यवस्थित बाजार का उपयोग सुनिश्चित कर पा रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि यहां व्यापार के लिए पुख्ता इंतेजाम नहीं है लाइट पानी की सुविधा और साफ सफाई न होने से व्यापारी यहां दुकान लगना मुनासिब नहीं समझ रहे है।



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