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Burhanpur News: बुरहानपुर जिले का भोलाना गांव एक ऐसा गांव है कि यहां पर करीब 300 मकान है. हर मकान में बैलगाड़ी है. यहां का हर व्यक्ति बैलगाड़ी चलाना जानता है. हम अपने पशुओं को लेकर घूमते रहते हैं.
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का भोलना गांव एक ऐसा गांव है कि यहां पर हर घर में सभी लोगों के यह पर बैलगाड़ियां है. आज के आधुनिक दौर में भी इनके द्वारा बैलगाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. आज इलेक्ट्रॉनिक आइटम से लेकर तो पेट्रोल और डीजल की कई गाड़ियां बाजार में मिल रही है. इनकी कहानी कुछ ऐसी है कि यह धनगर और ठीलारी समाज है कि जो भेड़ और बकरी चरा कर अपना जीवन यापन करता है समाज के भोला का कहना है कि हमारे घर में बच्चे का जन्म भी चलती हुई है.बैलगाड़ी पर कभी-कभी हो जाता है और बच्चों को बचपन से ही बैलगाड़ी चलाना सिखा दिया जाता है.
यह बच्चे और महिलाएं और लड़कियां बेल गाड़ी चलाकर हमारे ठिकानों तक पहुंचाते हैं. हमारे द्वारा आगे की जगह की व्यवस्था की जाती है.इस गांव में यदि मकान की बात करें तो 300 से अधिक मकान है जहां पर हर घर में सभी लोग ड्राइवर है यानी सभी लोग बैलगाड़ी चलाते हैं. चाहे महिला हो बुजुर्ग हो पुरुष हो सभी को बैलगाड़ी चलाते आती है. अभी तक इनकी महिलाएं युवक बच्चे जब भी बैलगाड़ी चलाते हैं तो किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. इन्हें बचपन से ही ट्रेनिंग उस तरह दी जाती है. हाईवे की सड़क हो यह शहर की गलियां एक और से ही अपनी गाड़ियां चलाते हैं.
ग्रामीणों ने दी जानकारी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का भोलाना गांव एक ऐसा गांव है कि यहां पर करीब 300 मकान है. हर मकान में बैलगाड़ी है. यहां का हर व्यक्ति बैलगाड़ी चलाना जानता है. हम अपने पशुओं को लेकर घूमते रहते हैं. चारे की तलाश में जगह-जगह जाना पड़ता है. इसलिए हमारे घर के बच्चे महिलाएं और बुजुर्ग सभी बैलगाड़ी चलाने का काम करते हैं हमारे गांव में गरीब 300 से अधिक बैलगाड़ियां है. यदि आबादी की बात करें तो 1500 से अधिक लोग इस गांव में निवास करते हैं.
अलग-अलग जिलों में करते हैं भ्रमण
गांव के लोगों का कहना है कि चारे और पानी की तलाश में हम अपने पशुओं को लेकर गांव गांव जाते हैं. पुरुष लोग व्यवस्था में लग जाते हैं. महिलाएं और बच्चे बेल गाड़ियां चलाते हैं. हमारे पशु भी इन बैलगाड़ियों के पीछे चलते जाते हैं. शहर की गलियां हो या नेशनल हाईवे के रोड हमारे द्वारा बड़ी सतर्कता से गाड़ी चलाई जाती है.