टीकमगढ़ में कोतवाली थाना प्रभारी बृजेंद्र चाचौंदिया और आरक्षक पंकज यादव को पुलिस अधीक्षक ने लाइन अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त सागर में दर्ज आपराधिक प्रकरण के बाद की गई है। एसपी कार्यालय से मंगलवार देर शाम इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई।
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पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि लोकायुक्त सागर में दर्ज आपराधिक प्रकरण के चलते थाना प्रभारी बृजेंद्र चाचौंदिया और आरक्षक पंकज यादव को तत्काल प्रभाव से आरआई दफ्तर लाइन हाजिर किया गया है। गुरुवार रात लोकायुक्त टीम ने आरक्षक पंकज यादव को रिश्वत के आरोप में पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन वह टीम के सदस्यों को धक्का देकर भाग निकला।
भागते समय आरक्षक पंकज यादव अपनी जैकेट और चार पहिया कार (एमपी 04 सीजेड 7719) मौके पर ही छोड़ गया। हालांकि, वह रिश्वत के तौर पर लिए गए 12,000 रुपये अपने साथ ले जाने में सफल रहा। लोकायुक्त टीम ने आरक्षक की कार जब्त कर देहात थाने में रखवा दी है।
यह घटना गुरुवार देर रात कलेक्ट्रेट के पास हुई थी, जहां सागर लोकायुक्त टीम ने आरक्षक पंकज यादव को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया था।सागर लोकायुक्त टीआई कमल सिंह उइके ने बताया कि आवेदक अंकित तिवारी के खिलाफ कोतवाली थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में जमानत दिलाने और बचाने के एवज में कोतवाली थाना प्रभारी बृजेंद्र चाचौंदिया और आरक्षक पंकज यादव ने 20,000 रुपये की मांग की थी।

आवेदक अंकित तिवारी पहले ही आरक्षक को 8,000 रुपये दे चुका था। शेष 12,000 रुपये गुरुवार रात को कलेक्ट्रेट के पास दिए जाने थे, तभी लोकायुक्त टीम ने आरक्षक को पकड़ने का प्रयास किया। इस मामले में कोतवाली टीआई बृजेंद्र चाचौंदिया पर भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।