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Sagar News: लोग अपना घर बनाने के लिए किसी भी हद तक प्रयास करते हैं. ऐसा ही कुछ किया सागर की इस महिला ने. जेवर बेचने से लेकर बैंक से कर्जा लेने तक सबकुछ करने के बाद बी जब घर नहीं मिला तो अब सड़कों पर भटकने को मजबूर है विधवा.
अनुज गौतम, सागर: शादी के 8 साल बाद में एक महिला पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ा कि उसकी जिंदगी गुजर गई. दुर्घटना में पति की मौत होने के बाद ससुराल वालों ने बच्चों सहित घर से निकाल दिया तो वह अपने मायके लौट आई. लेकिन अब वह अपने ही घर में बोझ बन रही थी ऐसे में उसने यहां से भी अलग रहना उचित समझा. और वह कमरा ढूंढ कर किराए से रहने लगी. महिला के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और वह सिलाई करके अपना परिवार चला रही है. लेकिन किसी बीच नगर निगम में गरीबों के लिए आवास बनवाए गए जिसमें आवास लेने महिला ने 2 लाख रुपए जमा किए लेकिन 15 महीने बाद भी वह चक्कर काट रही है.
दरअसल सागर शहर के अंबेडकर वार्ड में रहने वाली रेखा अहिरवार ने साल 2022 में आवास पाने के चक्कर में अपने जेवर 20000 रुपए में बेच दिए थे. और फिर नगर निगम की रसीद कटवा कर आवास बुक कर लिया था. फिर 2 साल बाद उसे बताया गया कि जब तक वह एक लाख 80 हजार रुपए और जमा नहीं करेगी तब तक आवास का आवंटन नहीं हो सकेगा. तब महिला ने तमाम प्रयास किया और बैंक से लोन लेकर नगर निगम में जमा कर दिए. लेकिन अब 15 महीने गुजर जाने के बाद भी उसे आवास नहीं मिल सका है और आज भी वह किराए की मकान में रहने को मजबूर है.
रेखा अहिरवार का कहना है कि वह कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में तीन-चार बार आवेदन दे चुकी है. कई बार नगर निगम आयुक्त और महापौर से मुलाकात कर आवास दिलाने की गुहार लगाई लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला. कोई कहता है ठेकेदार के पास जाओ कोई कहता है अधिकारी के पास जो कोई कहता है जन प्रतिनिधि के पास जाओ लेकिन अभी तक कहीं से भी आवास आवंटन की पहल नहीं हुई है. इधर हमें बैंक का कर्ज भी चुकाना पड़ रहा है और उधर अब तक आवास नहीं मिला ऐसे में एक तरफ बैंक की किस्त शुरू हो गई और दूसरी तरफ मकान का किराया भी देना पड़ रहा है, अब सिलाई करके हम क्या-क्या करें कहीं कुछ समझ में नहीं आ रहा बच्चे भी इतने छोटे हैं कि उन्हें कहीं मजदूरी को नहीं भेज सकते अधिकारियों के पास जाओ सुबह अभद्रता करके भगा देती है. नगर निगम उपायुक्त के एस बघेल का कहना है कि महिला का आवेदन मिला है, जिसको दिखवा रहे हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें